
लखनऊ के Lulu Mall Hypermarket को लेकर सोशल मीडिया पर अचानक एक खबर ट्रेंड करने लगी—
“FSDA ने पूरा Hypermarket सेक्शन सील कर दिया!”
हेलो यूपी की टीम ने जब इस वायरल दावे की पड़ताल शुरू की तो मामला कुछ और ही निकला। मतलब साफ—हवा में उड़ती Breaking News असली नहीं होती।
Hello UP Ground Investigation: “सीलिंग नहीं, सिर्फ स्टीकरिंग!”
हमारी टीम ने सीधे Lulu Mall मैनेजमेंट से बात की।
उनका साफ कहना था— “ये खबर पूरी तरह गलत है। FSDA ने Hypermarket को सील नहीं किया।” कुछ re-packaged items पर proper stickers नहीं थे—FSDA ने सिर्फ उन्हें सही लेबल लगाने का निर्देश दिया।”
यानि सीलिंग की खबर उड़ गई… और बचा सिर्फ स्टीकर अपडेट का मामला।
FSDA ने क्या किया था? काम की बात:
Hypermarket के कुछ सामान जिन पर expiry, MRP या packaging detail का sticker नहीं था, उन्हें ठीक करने के लिए निर्देश दिए गए। न कोई पेनल्टी, न किसी सेक्शन की सीलिंग, न कोई बड़ा ऐक्शन।
लेकिन सोशल मीडिया हमेशा की तरह… “स्टीकर देखा नहीं, सीलिंग बना दी।”

हमारी पड़ताल में क्या सामने आया?
वायरल दावा: “पूरा Hypermarket सेक्शन सील!”
Reality: Fake News
असल घटना:
FSDA ने सिर्फ कहा — “Sticker ठीक से लगाइए और फिर रखिए।”
मतलब—“Breaking News की दुकान वालों” ने मुद्दा बिगाड़ दिया, लेकिन Lulu Mall का Hypermarket एकदम normal चल रहा है।
मीडिया का नया नियम—
‘Sticker न हो तो सील समझ लो’, ऐसा लगता है अब किसी भी दुकान पर स्टीकर गिर जाए तो ट्विटर पर ट्रेंड बनेगा #MassiveAction #StoreSealed
क्योंकि बिना fact-check के, न्यूज वाले और Keyboard Warriors दोनों ही एयरपोर्ट रनवे की स्पीड पकड़ लेते हैं।
“MBBS नहीं मिला? कोई नहीं… ये Medical Courses भी कर देंगे Life Set!”
