
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya का ब्रिटेन दौरा अचानक रद्द हो गया। वे जर्मनी से ही लखनऊ लौट रहे हैं, जबकि उनके कार्यक्रम में यूनाइटेड किंगडम की यात्रा भी शामिल थी।
बताया जा रहा है कि भारत सरकार की ओर से एनओसी मिल चुकी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से UK वीजा समय पर जारी नहीं हो पाया। राजनीति में टाइमिंग सब कुछ होती है और यहां टाइमिंग ने ही टिकट काट दिया।
जर्मनी में निवेश वार्ताएं: फ्रैंकफर्ट से न्यूरेम्बर्ग तक
23 फरवरी को रवाना हुए मौर्य ने Frankfurt और Nuremberg में औद्योगिक संस्थानों के साथ अहम बैठकों और समझौतों पर चर्चा की।
इन मीटिंग्स का मकसद उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित करना था। सूत्रों के मुताबिक, कई संभावित MoU पर सकारात्मक बातचीत हुई है।
“निवेश की फाइलें खुलीं, लेकिन वीजा की फाइल बंद रह गई।”

UK कार्यक्रम क्यों रुका?
मौर्य को मंत्री सुनील शर्मा के साथ UK में 27 फरवरी तक कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था। लेकिन वीजा जारी न होने से पूरा शेड्यूल ध्वस्त हो गया।सरकारी सूत्र इसे ‘तकनीकी कारण’ बता रहे हैं। सियासी गलियारों में हालांकि फुसफुसाहटें अलग-अलग हैं पर आधिकारिक बयान साफ है वीजा नहीं मिला, दौरा टला।
लखनऊ वापसी और सियासी संदेश
अब डिप्टी सीएम सीधे लखनऊ लौट रहे हैं। विपक्ष इसे “डिप्लोमैटिक मैनेजमेंट” से जोड़ सकता है, जबकि समर्थक जर्मनी में हुई निवेश बातचीत को उपलब्धि बता रहे हैं।
राजनीति में विदेश दौरे सिर्फ फोटो-ऑप नहीं होते, वे संदेश भी होते हैं और कभी-कभी “रद्द” भी एक संदेश बन जाता है।
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