
अमेरिकी फाइनेंसर Jeffrey Epstein की मौत को कई साल बीत चुके हैं, लेकिन उनके नेटवर्क और संपर्कों को लेकर खुलासे अब भी थमने का नाम नहीं ले रहे। हालिया दस्तावेज़ों में 2014 का एक ईमेल सामने आने के बाद पाकिस्तान, तालिबान और अमेरिकी इंटेलिजेंस से जुड़ी चर्चाएं फिर सुर्खियों में हैं।
इन दस्तावेज़ों ने यह बहस तेज कर दी है कि आखिर एक विवादित और पहले से दोषी करार दिए जा चुके व्यक्ति की पहुंच संवेदनशील डिप्लोमैटिक सर्किल तक कैसे बनी रही।
2014 का ईमेल: क्या था कंटेंट?
बताया जा रहा है कि US जस्टिस डिपार्टमेंट की नई सूची में शामिल एक दस्तावेज़ (EFTA01924609) में पाकिस्तान के सैन्य अभियानों, तालिबान के अंदरूनी हालात और US इंटेलिजेंस की रणनीतियों पर विस्तृत ब्रीफिंग का उल्लेख है।
ईमेल कथित तौर पर Terje Rod-Larsen द्वारा भेजा गया था, जो उस समय International Peace Institute (IPI) से जुड़े थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें नॉर्थ वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई और उइगर मिलिटेंट्स पर ऑपरेशन का जिक्र था। साथ ही, तालिबान के अंदरूनी मतभेदों और क्षेत्रीय समीकरणों पर भी चर्चा की गई थी।
CIA, ड्रोन स्ट्राइक्स और वैक्सीनेशन विवाद
दस्तावेज़ों में यह भी उल्लेख है कि Central Intelligence Agency ने दिसंबर 2013 के बाद ड्रोन हमलों को रोका था। व्हाइट हाउस ने यह भी ऐलान किया था कि जासूसी के लिए वैक्सीनेशन कैंपेन का इस्तेमाल कवर के तौर पर नहीं किया जाएगा।
इन घटनाओं को कुछ आतंकी समूहों ने अपनी “रणनीतिक जीत” के रूप में देखा हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और ग्लोबल नेटवर्क
फरवरी 2014 के एक अन्य पत्र में कथित तौर पर IPI से जुड़ी एक मीटिंग के लिए $100,000 ट्रांसफर का उल्लेख है। उस समय एडवाइजरी नेटवर्क में कई अंतरराष्ट्रीय नाम जुड़े थे।
यही वह बिंदु है जहां सवाल गहराता है क्या एपस्टीन सिर्फ एक वित्तीय खिलाड़ी था, या वह वैश्विक नीति-निर्माण सर्किल तक पहुंच बना चुका था?


ऑफिशियल स्टैंड क्या है?
United States Department of Justice ने सार्वजनिक तौर पर इन ईमेल्स को क्लासिफाइड मटीरियल नहीं बताया है। साथ ही, यह भी स्पष्ट नहीं है कि जानकारी सीधे किसी अमेरिकी खुफिया एजेंसी से साझा की गई थी या नहीं।
2019 में फेडरल सेक्स ट्रैफिकिंग आरोपों का सामना कर रहे एपस्टीन की हिरासत में मौत हो गई थी, जिसके बाद से उनके नेटवर्क को लेकर अटकलें लगातार जारी हैं।
नेटवर्किंग की ‘हाई प्रोफाइल’ परिभाषा
दुनिया में लोग LinkedIn पर नेटवर्क बनाते हैं, और यहां मामला ऐसा है कि ईमेल में जियोपॉलिटिकल ब्रीफिंग्स घूम रही थीं। यह कहानी सिर्फ अपराध की नहीं, बल्कि उस एक्सेस की है—जो सवाल उठाती है कि ग्लोबल पावर सर्किल कितने पारदर्शी हैं।
Epstein फाइलों का यह ताज़ा खुलासा कई स्तरों पर बहस को जन्म देता है डिप्लोमैटिक पारदर्शिता, इंटेलिजेंस साझेदारी और एलीट नेटवर्क की जवाबदेही।
हालांकि उपलब्ध दस्तावेज़ों की व्याख्या और संदर्भ पर अभी भी स्पष्टता जरूरी है, लेकिन इतना तय है कि यह मामला आने वाले समय में और राजनीतिक व कूटनीतिक हलचल पैदा कर सकता है।
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