हुबली के KSCA Stadium में वो शाम सिर्फ एक मैच की नहीं थी, वो एक बयान था। Ranji Trophy 2025-26 के फाइनल में Jammu and Kashmir cricket team ने 8 बार की चैंपियन Karnataka cricket team को पहली पारी की बढ़त के सहारे मात देकर खिताब अपने नाम कर लिया।
पहला फाइनल, पहला खिताब। कुछ कहानियाँ फिल्मी लगती हैं, लेकिन ये स्कोरकार्ड पर दर्ज है।
66 साल का सफर: घाटी से गौरव तक
करीब 67 साल पहले डेब्यू करने वाली टीम ने आखिरकार वो कर दिखाया जो कभी “संभावना” भर था। ये सिर्फ ट्रॉफी नहीं है। ये उम्मीद की प्रेस कॉन्फ्रेंस है। ये संदेश है कि प्रतिभा को बस एक मंच चाहिए, मौसम चाहे कैसा भी हो।
किसने कितनी बार जीता रणजी?
1934-35 से शुरू हुई इस प्रतियोगिता में कई दिग्गजों ने अपना साम्राज्य कायम किया। सबसे ऊपर नाम आता है Mumbai cricket team का—42 खिताब। क्रिकेट का असली “सुल्तान ऑफ सिल्वरवेयर।”
इसके बाद:
- Karnataka cricket team – 8 बार
- Delhi cricket team – 7 बार
- Madhya Pradesh cricket team – 5 बार
- Baroda cricket team – 5 बार
- Saurashtra cricket team – 3 बार
- Vidarbha cricket team – 3 बार
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2-2 बार: बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, हैदराबाद, महाराष्ट्र, रेलवे
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1-1 बार: उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, वेस्टर्न इंडिया और अब… जम्मू-कश्मीर
मुंबई का 42 बार जीतना एक क्रिकेटीय महाकाव्य है। लेकिन खेल का मज़ा तब आता है जब नई स्क्रिप्ट लिखी जाती है।

हर दशक की अपनी कहानी
1934-35 में जब पहली बार ट्रॉफी उठी थी, तब शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि ये टूर्नामेंट इतना विराट हो जाएगा। बीच में 2020-21 में महामारी ने ब्रेक लगाया, लेकिन क्रिकेट की धड़कन फिर लौट आई।
हर दशक में एक नई शक्ति उभरी। कभी बॉम्बे का राज, कभी कर्नाटक की लय, कभी दिल्ली की चमक, और अब कश्मीर की दस्तक।
ये जीत क्यों खास है?
क्योंकि ये सिर्फ “पहली बार” नहीं है। ये उस क्षेत्र की जीत है, जो अक्सर खबरों में खेल के लिए नहीं आता। ये उस पीढ़ी की जीत है, जिसने क्रिकेट को सिर्फ टीवी पर नहीं, अपने सपनों में भी जिया। जब कोई नई टीम ट्रॉफी उठाती है, तो क्रिकेट लोकतांत्रिक हो जाता है।
रणजी अब और भी रोमांचक
अब Ranji Trophy का नक्शा और दिलचस्प हो गया है। मुंबई का इतिहास है, कर्नाटक की परंपरा है, लेकिन जम्मू-कश्मीर की ये जीत भविष्य की दस्तक है।
क्रिकेट में साम्राज्य बनते हैं, टूटते हैं, और फिर कोई नया नाम इतिहास की दीवार पर उकेर देता है। इस बार वो नाम है… जम्मू-कश्मीर।
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