
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में अब रूस की परछाईं साफ दिखाई देने लगी है। गुरुवार रात ईरान की राजधानी तेहरान से एक खास फ्लाइट मॉस्को पहुंची—और यहीं से ग्लोबल पॉलिटिक्स का थ्रिलर मोड ऑन हो गया।
इस उड़ान को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है प्लेन में कौन बैठा था? और क्या रूस अब खुलकर इस टकराव में उतर चुका है?
IRAN07: फ्लाइट नंबर नहीं, पॉलिटिकल सिग्नल?
जानकारी के मुताबिक, ईरान की मिराज एयरलाइंस का Airbus A321-231 विमान तेहरान से मॉस्को रवाना हुआ। इसका कॉल साइन था IRAN07—जो आमतौर पर ईरान सरकार के वरिष्ठ नेताओं या हाई-लेवल ऑफिशियल मिशन के लिए रिज़र्व माना जाता है। लेकिन यात्रियों की लिस्ट गुप्त ईरान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं। रूस ने भी चुप्पी साध रखी यानी सस्पेंस जानबूझकर ज़िंदा रखा गया।
America भी अलर्ट, FlightRadar पर नजर
इस फ्लाइट की अहमियत का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका खुद FlightRadar24 पर इसे ट्रैक करता रहा।डिप्लोमैसी में जब रडार ऑन हो जाए, तो समझिए मामला सिर्फ ट्रैवल का नहीं होता, यह पॉवर मूव होता है।
चर्चाओं का बाज़ार गर्म: शरण या शांति मिशन?
तेहरान से मॉस्को गई इस उड़ान को लेकर दो थ्योरी सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।
थ्योरी 1:
अमेरिका के संभावित हमले से पहले ईरान के कुछ टॉप ऑफिशियल्स को सुरक्षित रूस भेजा गया। यानी मॉस्को बना Safe House।

थ्योरी 2:
इस वक्त UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद मॉस्को में मौजूद हैं। संभावना है कि ईरान के वरिष्ठ नेता उनसे मिलने पहुंचे हों मकसद: युद्ध टालने की बैकडोर डील। सच्चाई क्या है, यह फिलहाल राज़ ही है।
जंग के मुहाने पर Middle East
हकीकत यह है कि अमेरिका और ईरान इस वक्त युद्ध के बेहद करीब खड़े हैं। US Navy ने ईरान का समुद्री घेराव किया है। Aircraft Carrier USS Abraham Lincoln तैनात है। निशाना: ईरान के परमाणु ठिकाने।
वहीं ईरान की चेतावनी भी उतनी ही साफ है— “हमले का जवाब मिलेगा, और वो करारा होगा।”
तेहरान से मॉस्को की यह फ्लाइट सिर्फ एक उड़ान नहीं बल्कि आने वाले दिनों की जियो-पॉलिटिकल पटकथा का ट्रेलर है। अब सवाल सिर्फ ईरान और अमेरिका का नहीं रहा— रूस किस तरफ खड़ा होगा, यही गेम-चेंजर है।
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