
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन अब सिर्फ नारेबाज़ी तक सीमित नहीं रहे। सड़कों पर गुस्सा है, सिस्टम पर सवाल हैं और सत्ता की तरफ से सख्ती। इसी बीच अमेरिका ने भी अपनी आंखें ईरान पर टिका दी हैं। रिपोर्ट्स बता रही हैं कि हालात बिगड़े तो Washington “limited air strikes” जैसे विकल्पों पर भी जा सकता है।
Trump के सामने Military Menu, Final Order अभी Pending
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को ईरान के खिलाफ कई सैन्य विकल्पों की जानकारी दी जा चुकी है। पेंटागन ने साफ कर दिया है—अगर तेहरान प्रदर्शनकारियों पर दमन और तेज करता है, तो targeted surgical strikes पर विचार किया जा सकता है।
हालांकि अभी तक ट्रंप ने कोई final green signal नहीं दिया है, लेकिन message साफ है—pressure बढ़ रहा है।
‘Freedom’ का Tweet और Warning का Punch
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर खुलकर ईरान को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अमेरिका freedom-seeking Iranians के साथ खड़ा है।
एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा— “Iran is looking for freedom like never before. The United States is ready to help!”
मतलब ट्वीट में उम्मीद, बैकग्राउंड में चेतावनी—classic Trump style।
Ground Troops नहीं, Air Power का इशारा
शुक्रवार को ट्रंप ने साफ कहा कि किसी भी अमेरिकी प्रतिक्रिया में ground troops शामिल नहीं होंगे। लेकिन साथ ही ये भी जोड़ दिया—
“We will hit them very hard where it hurts.” यानि boots नहीं, bombs की भाषा।
Israel भी Alert Mode में
इजरायल पहले से ही हाई अलर्ट पर है। हाल ही में हुई एक high-level meeting में इस बात पर चर्चा हुई कि अगर अमेरिका ईरान में कोई कदम उठाता है, तो region पर उसका असर क्या होगा।
इजरायली PM Benjamin Netanyahu और अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के बीच भी इस मुद्दे पर बातचीत हो चुकी है।
Iran में Protests, Internet Off और मौत का आंकड़ा
28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब पूरे ईरान में फैल चुके हैं। हालात इतने बिगड़े कि सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट बंद कर दिया।
Human rights groups का दावा है कि अब तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,300 से ज्यादा लोग हिरासत में हैं।
इसके बावजूद, सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei पीछे हटने के मूड में नहीं दिखते।

‘Mohareb’ का टैग और फांसी की धमकी
ईरान के अटॉर्नी जनरल Mohammad Movahedi Azad ने प्रदर्शनकारियों को ‘Mohareb’ यानी God का दुश्मन करार दिया है।
ईरानी कानून में इसका मतलब सीधा है—Death Penalty।
सरकारी टीवी ने ये भी साफ कर दिया है कि प्रदर्शनकारियों की मदद करने वालों पर भी सख्त मुकदमे चलेंगे।
शाह पहलवी की वापसी… नारे में सही
कुछ रैलियों में ईरान के पूर्व सम्राट Shah Mohammad Reza Pahlavi के समर्थन में नारे लगे। उनके बेटे Reza Pahlavi ने भी विदेश से ईरानियों से विरोध जारी रखने की अपील की है। इतिहास, राजनीति और गुस्सा—तीनों एक साथ सड़क पर हैं।
विदेशों में भी गूंजा ईरान का गुस्सा
लंदन में एक प्रदर्शनकारी ईरानी दूतावास की बालकनी पर चढ़ गया, इस्लामिक रिपब्लिक का झंडा फाड़ा और उसकी जगह 1979 से पहले वाला ‘Lion and Sun’ symbol लगा दिया। पेरिस, बर्लिन और वॉशिंगटन तक विरोध की आवाज़ पहुंच चुकी है।
अमित शाह के ऑफिस के बाहर TMC का प्रदर्शन, डेरेक ओ’ब्रायन–महुआ मोइत्रा समेत कई सांसद हिरासत में
