इराक से यरूशलेम तक मिसाइलें, 125 हमले, एयर इंडिया ने रोकी उड़ानें

अजमल शाह
अजमल शाह

मध्य पूर्व की रात फिर धधक उठी। इराक के जर्फ अल-सखर में ईरान समर्थित मिलिशिया Kataib Hezbollah के मुख्यालय पर मिसाइल हमला हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऑपरेशन इजरायल और अमेरिका के संयुक्त एक्शन का हिस्सा बताया जा रहा है।

हमले में दो लड़ाकों की मौत और आठ घायल होने की खबर है। क्षेत्र पहले से बारूद के ढेर पर था, यह हमला उसमें चिंगारी जैसा साबित हुआ।

यरूशलेम पर मिसाइलें, एयर डिफेंस सक्रिय

ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के बाद Jerusalem और मध्य इजरायल में सायरन गूंजे। इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम ने दावा किया कि अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया।

सैन्य अधिकारियों के अनुसार, 125 मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से करीब 35 इजरायली एयरस्पेस में दाखिल हुईं। आसमान अब बादलों से नहीं, ट्रेल्स से भरा था।

ऑस्ट्रेलिया का समर्थन

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई का समर्थन किया। उनका कहना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम वैश्विक शांति के लिए खतरा बना हुआ है और यह कदम जरूरी था।

कूटनीति की भाषा में यह बयान छोटा है, लेकिन इसके असर लंबे हो सकते हैं।

एयर इंडिया का बड़ा फैसला

तनाव बढ़ते ही Air India ने मिडिल ईस्ट के लिए अपनी सभी उड़ानें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दीं। एयरलाइन ने साफ किया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोपरि है। स्थिति की समीक्षा जारी है और हालात सुधरने पर परिचालन दोबारा शुरू होगा। यानी आसमान में सिर्फ मिसाइलें ही नहीं, फ्लाइट शेड्यूल भी रुक गए हैं।

स्कूल पर हमले का दावा

ईरान ने मिनाब में एक स्कूल पर इजरायली हमले का दावा किया है, जिसमें 24 छात्रों की मौत की बात कही गई है। हालांकि स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है, लेकिन यदि यह सच है तो यह संघर्ष का सबसे दुखद चेहरा होगा। युद्ध में आंकड़े अक्सर headline बनते हैं, इंसान पीछे छूट जाते हैं।

धरोहरें भी शरण में

तनाव के बीच Israel Museum ने अपनी ऐतिहासिक कलाकृतियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। म्यूजियम को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। जब संस्कृति भी शेल्टर ढूंढने लगे, तो समझ लीजिए हालात सामान्य नहीं हैं।

युद्ध की रफ्तार, शांति की सांस

मिसाइलों की गिनती बढ़ती जा रही है। बयानबाजी तेज हो रही है। एयर डिफेंस और एयरलाइंस दोनों हाई अलर्ट पर हैं। हर देश अपने तर्क के साथ मैदान में है। पर सवाल वही है  क्या यह टकराव सीमित रहेगा या एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की पटकथा लिखी जा रही है?

मध्य पूर्व का आसमान फिलहाल इतिहास के एक और अध्याय की रिकॉर्डिंग कर रहा है।

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