
बीते दिनों इंटरनेशनल मार्केट में हलचल तब बढ़ी जब अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा कर दिया कि India has agreed to stop buying oil from Russia. साथ ही यह भी जोड़ दिया कि अब भारत अमेरिका या वेनेजुएला से crude oil खरीदेगा.
बयान बड़ा था, लेकिन सच्चाई? उस पर अब भारत सरकार ने खुद spotlight डाल दी है.
MEA का Straight जवाब: Energy First
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने साफ शब्दों में कहा, “1.4 billion Indians की energy security हमारी top priority है.”
मतलब साफ है, भारत भावनाओं पर नहीं, national interest और market realities पर फैसला करता है. Global situation बदलेगी, तो sources diversify होंगे—यही policy है.
Russia, Venezuela और Realpolitik
MEA ने यह भी साफ किया कि भारत वेनेजुएला से तेल पहले भी लेता रहा है, आगे भी profitable deal होगी तो पीछे नहीं हटेगा. रूस से तेल खरीद पर कोई one-line promise या blanket ban नहीं किया गया.

तेल है, इमोशन नहीं… सस्ता और secure होगा, वहीं से आएगा!
India-US Trade Deal: 18% Tariff वाला Twist
MEA ने India-US trade deal पर भी बड़ा अपडेट दिया Make in India products अब 18% tariff पर US export होंगे. इससे exports, jobs और growth को boost मिलेगा. यानी geopolitics अपनी जगह, business as usual अपनी जगह.
और हां… तेल की राजनीति में दोस्ती स्थायी नहीं होती, सिर्फ डील मायने रखती है.
ट्रंप बोले ‘तेल बंद’, रूस बोला ‘हमें तो कुछ पता ही नहीं
