
भारत की अगली जनगणना का इंतज़ार अब खत्म होने वाला है। केंद्र सरकार ने India Census 2027 की आधिकारिक तारीखों का ऐलान कर दिया है। यह जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि यह आज़ादी के बाद पहली बार पूरी तरह Digital होगी और इसमें जातिगत आंकड़े भी इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज किए जाएंगे।
कोरोना महामारी की वजह से 2021 में टल चुकी जनगणना अब दो चरणों में 2026–27 के दौरान कराई जाएगी।
Census 2027 दो चरणों में होगी पूरी
Phase 1: House Listing (April – September 2026)
पहले चरण में देशभर के घर, दुकानें और इमारतें गिनी जाएंगी। इसमें यह दर्ज किया जाएगा कि मकान कच्चा है या पक्का, और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
Phase 2: Population Enumeration (February 2027)
दूसरे चरण में हर व्यक्ति की personal details ली जाएंगी—उम्र, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक वर्ग और पहली बार डिजिटल जाति विवरण।
Self Enumeration: अब खुद भरिए अपना डेटा
सरकार ने इस बार नागरिकों को बड़ी राहत दी है। घर-घर सर्वे से 15 दिन पहले एक Online Portal खोला जाएगा, जहां लोग mobile या computer से खुद अपनी family details भर सकेंगे। इसके बाद भी गणनाकर्मी आएंगे, लेकिन काम होगा paperless और app-based।
यानि अब “फॉर्म भरिए साहब” नहीं, बल्कि “OTP डालिए साहब” का दौर।
95 साल बाद Digital Caste Census
1931 के बाद यह पहली व्यापक जातिगत गणना होगी। PM Narendra Modi की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी पहले ही इसे मंजूरी दे चुकी है।
पूरा डेटा Android और iOS apps के जरिए secure servers पर upload होगा—कम गलती, ज्यादा accuracy।
किन चीजों का रखा जाएगा रिकॉर्ड?
पहले चरण में दर्ज होगा:

- मकान: कच्चा या पक्का
- बिजली, पानी, शौचालय
- खाना पकाने का ईंधन
- Smartphone, Internet, TV, Fridge
- Two-wheeler / Four-wheeler ownership
मतलब अब गरीबी-अमीरी सिर्फ राशन कार्ड से नहीं, WiFi और Smartphone से भी नापी जाएगी।
30 लाख फील्ड कर्मी, सबसे बड़ा Digital Exercise
देशभर में करीब 30 लाख कर्मचारियों को इस महा-अभियान में लगाया जाएगा। 2011 में भारत की आबादी 121 करोड़ थी, जो अब 140 करोड़+ होने का अनुमान है।
यह जनगणना भविष्य की नीतियों, आरक्षण, संसाधन वितरण और चुनावी सीमांकन की नींव तय करेगी।
देश अब उस दौर में पहुंच गया है जहां कागज़ नहीं, मोबाइल बोलेगा, साइन नहीं, OTP चलेगा और जाति, घर, सुविधा — सब कुछ server में बंद होगा।
India Census 2027 सिर्फ गिनती नहीं, देश के डिजिटल डीएनए की स्कैनिंग है।
सदन में असंवेदनशील मज़ाक? कांग्रेस विधायक के बयान ने बढ़ाया सियासी तूफान
