1500 करोड़ जमीन घोटाला: ED ने IAS राजेंद्र कुमार पटेल को किया गिरफ्तार

अजमल शाह
अजमल शाह

गुजरात में गुरुवार रात Enforcement Directorate (ED) की तीन टीमों ने सुरेंद्रनगर के पूर्व कलेक्टर IAS राजेंद्र कुमार पटेल के गांधीनगर स्थित आवास पर छापेमारी की। घंटों चली पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें ₹1500 करोड़ के जमीन घोटाले में गिरफ्तार कर लिया। छापे के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डेटा और फाइलें जब्त की गई हैं।

यह कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक सिस्टम पर बड़ा सवाल बनकर उभरी है।

₹1500 करोड़ Land Scam: कौन-कौन रडार पर?

ED की जांच में सामने आया है कि यह घोटाला सरकारी जमीन के कथित अवैध आवंटन, लैंड यूज कन्वर्जन और रिकॉर्ड में हेरफेर से जुड़ा है।
इससे पहले इस केस में राजस्व अधिकारी चंद्रसिंह मोरी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जिन्हें अब साबरमती जेल भेजने के आदेश हैं।

फाइलों में सब कुछ “क्लियर” था, लेकिन जमीन के नीचे घोटाला दबा था।

Who is IAS Rajendra Kumar Patel? | कौन हैं राजेंद्र पटेल

  1. 2015 बैच के IAS अधिकारी
  2. मूल निवासी: अहमदाबाद, गुजरात
  3. फरवरी 2025 में बने थे सुरेंद्रनगर कलेक्टर
  4. सिविल सेवा से पहले BDS डॉक्टर
  5. Public Policy में MA
  6. जांच में खुलासा: 5 करोड़ से ज्यादा की चल-अचल संपत्ति, जो घोषित आय से कहीं अधिक

ED सूत्रों के मुताबिक, संपत्तियों का यह आंकड़ा अभी शुरुआती अनुमान है।

सरकार का त्वरित एक्शन

ED की रेड के तुरंत बाद गुजरात सरकार ने:

  1. डॉ. राजेंद्र पटेल को कलेक्टर पद से हटाया
  2. उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में अटैच किया
  3. DDO के.एस. याज्ञिक को अतिरिक्त प्रभार सौंपा

प्रशासनिक भाषा में इसे कहते हैं – “Damage Control Mode ON”

ACB भी एक्टिव: अब संपत्ति की होगी परत-दर-परत जांच

गुजरात ACB के संयुक्त निदेशक मकरंद चौहान ने पुष्टि की कि:

  1. IAS राजेंद्र पटेल
  2. उनके PA
  3. डिप्टी तहसीलदार
  4. संबंधित क्लर्क

सभी की चल-अचल संपत्ति की विस्तृत जांच की जाएगी।

Political Heat बढ़ी, लेकिन Official Silence

मामले ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है, लेकिन अभी तक ED ने ऑफिशियल चार्जशीट डिटेल्स सार्वजनिक नहीं की। सरकार की ओर से संक्षिप्त बयान तक सीमित प्रतिक्रिया। सवाल साफ है — क्या यह सिर्फ एक अफसर की कहानी है या पूरे सिस्टम की परतें खुलेंगी?

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