
दिल्ली से सटे फरीदाबाद में महिला सुरक्षा को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक महिला को लिफ्ट देने के बहाने चलती कार में गैंगरेप किया गया। आरोपी महिला को करीब दो घंटे तक फरीदाबाद–गुरुग्राम रोड पर घुमाते रहे, विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और फिर आधी रात चलती गाड़ी से सड़क पर फेंक दिया गया।
पीड़िता गंभीर रूप से घायल है और उसके सिर में 12 टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उसका इलाज फरीदाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, पीड़िता का अपनी मां से विवाद हुआ था, जिसके बाद वह बहन को कॉल कर सहेली के घर चली गई। रात करीब 12:30 बजे वह घर लौटने के लिए निकली। मेट्रो चौक पर ऑटो न मिलने पर उसने मदद मांगी, तभी एक कार रुकी जिसमें पहले से दो युवक सवार थे।
यहीं से “लिफ्ट” एक खतरनाक ट्रैप बन गई।
आरोपी महिला को कार में बैठाकर फरीदाबाद से गुरुग्राम की ओर ले गए और रास्ते में वारदात को अंजाम दिया।
CCTV बना गवाह, दो आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पीड़िता ने अपनी बहन को पूरी आपबीती बताई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी मध्यप्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं और फिलहाल फरीदाबाद में रह रहे थे।

पुलिस का कहना है कि केस में सख्त धाराएं लगाई गई हैं और आगे की जांच जारी है।
NCR में महिला सुरक्षा पर फिर सवाल
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है— क्या NCR की सड़कों पर महिलाएं सुरक्षित हैं? क्या “लिफ्ट” लेना अब एक रिस्क बन चुका है?CCTV और पुलिस कार्रवाई के बावजूद अपराधियों का हौसला इतना बुलंद क्यों?
स्मार्ट सिटी, स्मार्ट रोड्स… लेकिन सोच अब भी खतरनाक रूप से आउटडेटेड।
क्या कहता है कानून?
इस तरह के मामलों में BNS की सख्त धाराएं, फास्ट-ट्रैक ट्रायल और कड़ी सजा का प्रावधान है। विशेषज्ञों का कहना है कि सजा का डर तभी असर करेगा जब फैसला जल्दी आएगा।
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