
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर बलात्कार कांड पर राजनीति अब गरमा चुकी है। बीजेपी विधायक और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा, “यह मामला अब पूरी तरह से राज्य सरकार के हाथ में है। ममता बनर्जी को चुप नहीं रहना चाहिए। बंगाल की जनता न्याय मांग रही है, बहाना नहीं।”
घटना कब और कहां हुई?
यह घटना 10 अक्टूबर को पश्चिम बर्धमान ज़िले के दुर्गापुर शहर में एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के पास हुई थी। एक युवती के साथ कथित तौर पर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बीजेपी का सवाल – क्या जांच निष्पक्ष है?
बीजेपी नेताओं ने ममता सरकार से कई सवाल पूछे:
- क्या इस केस की जांच राजनीतिक दबाव से मुक्त होगी?
- क्या पीड़िता को मिलेगा सुरक्षा और न्याय?
- क्या सरकार दोषियों को बिना देरी के सज़ा दिला पाएगी?
ममता बनर्जी की चुप्पी पर उठे सवाल
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है। टीएमसी प्रवक्ताओं ने मामले को लेकर सतर्क प्रतिक्रिया दी है, लेकिन विपक्ष इसे “सरकारी चुप्पी” करार दे रहा है।

क्या मिलेगा न्याय या फिर बनेगा चुनावी मुद्दा?
दुर्गापुर कांड न सिर्फ एक गंभीर आपराधिक मामला है, बल्कि अब यह राजनीतिक अखाड़े का हथियार बन चुका है।
- विपक्ष मांग कर रहा है तेज और पारदर्शी जांच की।
- टीएमसी बचाव में है और कह रही है “कानून अपना काम कर रहा है।”
- जनता सवाल कर रही है — “क्या महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ चुनावी वादा है?”
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