Supreme फैसले के बाद 10% Global Tariff का नया वार, भारत भी प्रभावित

Jyoti Atmaram Ghag
Jyoti Atmaram Ghag

अमेरिकी राजनीति इस वक्त ट्रेड वॉर के प्रेशर कुकर में सीटी मार रही है। एक तरफ अमेरिका की सर्वोच्च अदालत, दूसरी तरफ राष्ट्रपति की कलम। और इस बार कलम ने फैसला पलट दिया है।

अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने हालिया टैरिफ को अवैध करार देते हुए रद्द करने का आदेश दिया। लेकिन राष्ट्रपति Donald Trump ने मानो कोर्ट के फैसले को “ड्राफ्ट वर्जन” समझ लिया। उन्होंने नया प्रोक्लेमेशन साइन कर 150 दिनों के लिए 10% एड वैलोरम ग्लोबल इंपोर्ट ड्यूटी लागू कर दी है। यह टैरिफ 24 फरवरी रात 12:01 AM EST से प्रभावी होगा। संदेश साफ है, “टैरिफ हटेगा नहीं, बल्कि और फैलेगा।”

किन देशों पर असर? भारत भी लिस्ट में

नया 10% अतिरिक्त ग्लोबल टैरिफ सभी देशों पर लागू होगा। यानी भारत को भी इस फैसले का बिल भरना होगा। जो टैरिफ पहले वसूला जा चुका है, उसका रिफंड भी नहीं मिलेगा। यह कदम वैश्विक व्यापार के लिए नया झटका साबित हो सकता है।

किन चीजों पर नहीं लगेगा नया टैरिफ?

टैरिफ की इस आंधी में कुछ सेक्टरों को “रेनकोट” मिला है।

पूरी छूट वाली कैटेगरी

  1. करेंसी
  2. मिनरल्स
  3. एनर्जी प्रोडक्ट्स
  4. बुलियन मेटल
  5. किताबें
  6. डोनेशन

नेचुरल रिसोर्स व फर्टिलाइजर

ऐसे संसाधन जिन्हें अमेरिका में माइन या प्रोड्यूस करना संभव नहीं है।

कुछ एग्री व फार्मा सेक्टर

  1. बीफ
  2. टमाटर
  3. संतरे
  4. फार्मास्यूटिकल्स
  5. फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स
  6. एयरोस्पेस प्रोडक्ट्स

हालांकि कुछ फार्मा प्रोडक्ट्स पर टैरिफ लागू रहेगा।

ऑटोमोबाइल सेक्टर को राहत

  1. पैसेंजर गाड़ियां
  2. हल्के ट्रक
  3. मीडियम और हेवी व्हीकल्स
  4. बसें
  5. स्पेयर पार्ट्स

लेकिन ध्यान रहे, ऑटो पार्ट्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स नए टैरिफ के दायरे में आएंगे।

Supreme Court vs Executive Power

अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने 6 जजों की बहुमत राय से टैरिफ को अवैध ठहराया। राष्ट्रपति ट्रंप ने फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोर्ट ने “कट्टरपंथियों के दबाव” में निर्णय दिया। उन्होंने 1974 के ट्रेड एक्ट के तहत टैरिफ लगाने की नई रणनीति अपनाई है। यह घटनाक्रम अमेरिकी संस्थागत संतुलन पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

ग्लोबल ट्रेड पर असर

भारत-अमेरिका व्यापार पर दबाव। सप्लाई चेन लागत में इजाफा। रेयर अर्थ और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्रभावित। निवेशकों में अनिश्चितता। वैश्विक बाजार में यह फैसला ऐसे समय आया है जब पहले से ही महंगाई और जियो-पॉलिटिकल तनाव का दबाव बना हुआ है।

क्या यह राजनीतिक ट्रम्प कार्ड है?

“अमेरिका फर्स्ट” की पॉलिसी फिर से केंद्र में है। टैरिफ इस बार सिर्फ आर्थिक हथियार नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी है। सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को रोका, लेकिन व्हाइट हाउस ने रास्ता बदल लिया। 10% ग्लोबल टैरिफ अब 150 दिनों के लिए लागू रहेगा। दुनिया देख रही है कि यह ट्रेड वार की नई शुरुआत है या सिर्फ एक अस्थायी दबाव की रणनीति।

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