दीपावली से पहले धामी सरकार का बड़ा तोहफा, शहरी निकायों के लिए 328 करोड़ रुपये जारी; वेतन-पेंशन को मिलेगी प्राथमिकता

देहरादून: दीपावली से पहले उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने शहरी निकायों के कर्मचारियों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही के लिए 328.27 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि का इस्तेमाल कर्मचारियों के वेतन-भत्तों, पेंशन और अन्य जरूरी वित्तीय देनदारियों के भुगतान में किया जाएगा।

शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि सबसे पहले कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित दावों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत यह राशि अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए स्वीकृत की गई है।

पेंशन निधि के लिए काटे जाएंगे 3.24 करोड़ रुपये

पांचवें राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर जारी की गई कुल राशि में से एक प्रतिशत हिस्सा उत्तराखंड पालिका केंद्रीयकृत पेंशन निधि के लिए रखा जाएगा। यह रकम करीब 3.24 करोड़ रुपये है। इसके बाद शहरी निकायों को खर्च के लिए कुल 325.03 करोड़ रुपये उपलब्ध होंगे।

नगर निगमों को मिलेंगे सबसे ज्यादा 148 करोड़ रुपये

जारी की गई धनराशि में नगर निगमों के लिए सबसे बड़ा हिस्सा निर्धारित किया गया है। निकायों के अनुसार राशि का ब्योरा इस प्रकार है:

  • नगर निगमों को 148.26 करोड़ रुपये
  • नगर पालिका परिषदों को 141.95 करोड़ रुपये
  • नगर पंचायतों को 38.07 करोड़ रुपये

इस धनराशि से निकायों को कर्मचारियों के वेतन और नियमित वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में मदद मिलेगी। वेतन और पेंशन के भुगतान के बाद पथ प्रकाश, जल संस्थानों के देयकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के दावों का निस्तारण किया जाएगा। बची हुई रकम का इस्तेमाल विकास कार्यों और सफाई-स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों में किया जा सकेगा।

31 दिसंबर तक देना होगा खर्च का हिसाब

सरकार ने धनराशि जारी करने के साथ उसके इस्तेमाल की निगरानी के लिए समयसीमा भी तय की है। सभी शहरी निकायों को खर्च की गई रकम का उपयोगिता प्रमाणपत्र 31 दिसंबर 2026 तक उपलब्ध कराना होगा।

वित्त विभाग की ओर से आदेश जारी होने के बाद अब शहरी विकास निदेशालय को निकायों तक जल्द से जल्द धनराशि पहुंचानी होगी। आमतौर पर वित्त विभाग से पैसा जारी होने के बावजूद निदेशालय के स्तर पर देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। इससे निकायों के कर्मचारियों को वेतन मिलने में परेशानी होती है। ऐसे में सरकार की ओर से जारी इस राशि को समय पर निकायों तक पहुंचाना अहम होगा।

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