
दिल्ली की ट्रैफिक कहानी में आज नया मोड़ जुड़ गया. शहर की सड़कों पर जाम का जाल है, लेकिन जमीन के ऊपर और नीचे मेट्रो का जाल और तेज़ी से फैल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी को ऐसा नेटवर्क दिया है जो सिर्फ एक लाइन नहीं बल्कि पूरे शहर को घेरने वाला रिंग मेट्रो सर्कल है. दावा है कि इससे दिल्ली की कनेक्टिविटी का नक्शा बदल जाएगा.
दिल्ली को मिला पहला रिंग मेट्रो नेटवर्क
दिल्ली मेट्रो के इतिहास में रविवार का दिन बड़ा माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी में देश की पहली चालू Ring Metro Network का उद्घाटन कर दिया. इसके तहत पिंक लाइन के मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर तक नए सेक्शन और मैजेंटा लाइन के विस्तार को हरी झंडी दिखाई गई.
इस लॉन्च के साथ ही दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क अब सर्कुलर कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम उठा चुका है.
33500 करोड़ की परियोजनाओं का पैकेज
प्रधानमंत्री ने सिर्फ मेट्रो लाइन का उद्घाटन नहीं किया बल्कि राजधानी को विकास परियोजनाओं का बड़ा पैकेज भी दिया. करीब
18300 करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाएं और 15200 करोड़ रुपये की सरकारी आवास पुनर्विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया.
कुल मिलाकर दिल्ली को लगभग 33500 करोड़ रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्टर मिला.
उत्तर और उत्तर-पूर्व दिल्ली की कनेक्टिविटी मजबूत
पिंक लाइन का 12.3 किलोमीटर लंबा नया सेक्शन राजधानी के कई अहम इलाकों को जोड़ेगा. इन स्टेशनों में शामिल हैं-
मजलिस पार्क
बुराड़ी
जगतपुर-वजीराबाद
सूरघाट
सोनिया विहार
खजूरी खास
भजनपुरा
यमुना विहार
मौजपुर-बाबरपुर
इससे खासकर उत्तर और उत्तर-पूर्व दिल्ली के इलाकों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है.

मैजेंटा लाइन का ऊंचा एलिवेटेड रूट
मैजेंटा लाइन का नया दीपाली चौक-मजलिस पार्क विस्तार भी चर्चा में है. यह करीब 9.9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है जिसमें मधुबन चौक उत्तर पीतमपुरा प्रशांत विहार हैदरपुर बादली मोड़ भलस्वा जैसे इलाकों को जोड़ा गया है.
इस लाइन का कुछ हिस्सा करीब 28.36 मीटर की ऊंचाई पर बना है जो दिल्ली मेट्रो के सबसे ऊंचे सेक्शनों में गिना जाएगा.
फेज-4 में तीन नए कॉरिडोर की शुरुआत
दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के तहत तीन नए कॉरिडोर की भी आधारशिला रखी गई. इनमें शामिल हैं रामकृष्ण आश्रम मार्ग – इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर, एयरोसिटी – IGI एयरपोर्ट टर्मिनल 1 कॉरिडोर, तुगलकाबाद – कालिंदी कुंज कॉरिडोर।
इन परियोजनाओं का मकसद राजधानी के सरकारी, सांस्कृतिक और एयरपोर्ट क्षेत्रों को तेज और आसान कनेक्टिविटी देना है.
दिल्ली सरकार का दावा
कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर राजधानी की पुरानी समस्याओं को हल करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि प्रदूषण, जलभराव और ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करने के लिए करीब 50 साल बाद नया मास्टर प्लान तैयार किया गया है.
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