
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण कार धमाके के बाद देश की राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत और कई के घायल होने की पुष्टि हो चुकी है।
घटनास्थल और लोक नायक अस्पताल (LNJP) में लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सक्रिय मौजूदगी देखी जा रही है।
अमित शाह ने की इमरजेंसी बैठक
सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा, NIA और FSL अधिकारियों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की।
इस बैठक में शाह ने डॉक्टरों की टीम से घायलों की स्थिति की जानकारी ली और सुरक्षा एजेंसियों को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए।
“ये हादसा केवल एक विस्फोट नहीं, बल्कि हमारी सुरक्षा प्रणाली की परीक्षा है,” शाह ने कहा।
पीएम मोदी ने जताया शोक, कहा — “हम मिलकर इस दर्द को पार करेंगे”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा — “आज शाम दिल्ली में हुए विस्फोट में अपनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रभावित लोगों की सहायता की जा रही है।”
मोदी ने साथ ही गृह मंत्री और शीर्ष अधिकारियों से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
उन्होंने साफ कहा — “दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।”

सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल — “कहां सोई थी इंटेलिजेंस?”
राजधानी के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक लाल किला के पास धमाका होना, सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता पर बड़ा सवाल उठाता है।
विशेषज्ञों का कहना है — “जहां हर वक्त CCTV और सुरक्षा बल मौजूद रहते हैं, वहां कार ब्लास्ट होना गहरी चूक की ओर इशारा करता है।”
“मीटिंग्स की गिनती बढ़ रही है, लेकिन धमाके भी कम नहीं”
हर हादसे के बाद वही पुरानी तस्वीर — सुरक्षा बैठक, ट्वीट्स में संवेदना, और वादे कि ‘दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा’।
लेकिन अब जनता पूछ रही है — “धमाका रोकने की कोई बैठक क्यों नहीं होती?”
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