तुफैल गिरफ्तार, पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोप – कई अहम खुलासे

यूपी ATS ने वाराणसी से एक युवक तुफैल को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि तुफैल न केवल पाकिस्तानी नंबर्स के संपर्क में था, बल्कि वह भारत के महत्वपूर्ण स्थलों की तस्वीरें और जानकारियाँ भी पड़ोसी देश को भेज रहा था। भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम में अमेरिका की नहीं थी कोई भूमिका 600 से ज्यादा पाकिस्तानी नंबरों से जुड़ा था तुफैल ATS सूत्रों के अनुसार, तुफैल 600 से अधिक पाकिस्तानी नम्बरों से संपर्क में था। वह सोशल मीडिया के ज़रिए पाकिस्तान की…

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भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम में अमेरिका की नहीं थी कोई भूमिका

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए संघर्ष विराम की प्रक्रिया पूरी तरह द्विपक्षीय थी और इसमें किसी भी तीसरे देश — खासतौर पर अमेरिका — की कोई भूमिका नहीं थी। मितरों सावधान! जिंदगीभर की कमाई, और अंत में…? सरकार के नाम! नीदरलैंड्स के प्रमुख ब्रॉडकास्टर NOS को दिए इंटरव्यू में जयशंकर ने कहा: “जब दो देश संघर्ष में होते हैं, तो बाकी देश चिंताओं के साथ कॉल करते हैं, लेकिन गोलीबारी बंद करने का फैसला भारत…

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मितरों सावधान! जिंदगीभर की कमाई, और अंत में…? सरकार के नाम!

आपने पूरी ज़िंदगी खून-पसीना बहाकर जो ज़मीन-जायदाद बनाई — वो एक “कानूनी चूक” की वजह से सरकार की हो जाए, ये कभी सोचा है? चौंकिए मत, ये भारत है साहब! यहां अगर आपने वसीयत (Will) नहीं बनाई, और आपके निधन के बाद कोई वैध वारिस नहीं मिला, तो आपकी प्रॉपर्टी “जय हो सरकार” के नाम हो सकती है। सत्यपाल मलिक पर CBI की कार्रवाई: हाइड्रो प्रोजेक्ट में चार्जशीट दाखिल वसीयत नहीं? तो कानूनी सिरदर्द तय है! भारत में हर साल हजारों केस सामने आते हैं, जहां परिवार के मुखिया का…

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सत्यपाल मलिक पर CBI की कार्रवाई: हाइड्रो प्रोजेक्ट में चार्जशीट दाखिल

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक, उनके दो निजी सचिवों सहित कुल छह व्यक्तियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक मामले में चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला किरु हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर सरकारी प्रक्रियाओं की अनदेखी कर अनुबंध आवंटन में अनियमितताएं हुईं। चुनौती बन गई एक नज़्म: क्यों ‘हम देखेंगे’ से हिल जाती हैं हुकूमतें? CBI ने इस मामले की जांच अप्रैल 2022 में जम्मू-कश्मीर सरकार के अनुरोध पर शुरू की थी। मलिक ने अगस्त 2018 से अक्तूबर 2019…

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चुनौती बन गई एक नज़्म: क्यों ‘हम देखेंगे’ से हिल जाती हैं हुकूमतें?

“हम देखेंगे” — यह सिर्फ़ एक पंक्ति नहीं, एक संकल्प है। फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की यह नज़्म उन लफ़्ज़ों का संगम है जो सत्ता के अन्याय, शोषण और तानाशाही के ख़िलाफ़ आम आदमी की उम्मीद और संघर्ष को आवाज़ देती है। इंग्लैंड में कितनी दहाड़ेगी युवा टीम इंडिया? मौसम, पिच और विरोधी होंगे असली परीक्षा! क्यों डरती हैं हुकूमतें इस नज़्म से? क्योंकि यह कविता सीधे-सीधे ज़ुल्म के ढांचे पर वार करती है। इसमें कोह-ए-गिराँ जैसे प्रतीक हैं जो जुल्म को पहाड़ जैसा ठोस बताते हैं, और फिर कहते हैं…

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भारत का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल: आतंकवाद पर वैश्विक समर्थन

भारत ने हाल ही में पाकिस्तान से जुड़े आतंकवाद के मुद्दे पर वैश्विक समर्थन जुटाने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा है। इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद शामिल हैं, जो जापान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), रूस, स्पेन, और अन्य देशों का दौरा कर रहे हैं। शराब के लिए लाखों, पंडित के लिए सौ भी भारी! शादी में दक्षिणा पर आता है करंट जापान में प्रतिनिधिमंडल की बैठक: जेडीयू सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया से मुलाकात की। उन्होंने…

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शराब के लिए लाखों, पंडित के लिए सौ भी भारी! शादी में दक्षिणा पर आता है करंट

भारतीय शादियों में सबकुछ होता है — नगाड़े, डांस, नोटों की बारिश, ब्राइडल एंट्री पर कोहरा और बारात में “लॉन्ड्री वाला लहंगा” पहनकर नागिन डांस करते मामा-मौसा। लेकिन जैसे ही विवाह के केंद्रबिंदु पंडित जी की दक्षिणा का वक्त आता है, परिवार के चेहरे पर ऐसी संजीदगी आ जाती है जैसे यूपीएससी का इंटरव्यू चल रहा हो। सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट में 48 घंटे में दो घुसपैठ! शराब के लिए ओपन बार, पंडित जी के लिए 501 का लिफाफा! बारात में जैसे ही भांगड़ा शुरू होता है, 750ml के…

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सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट में 48 घंटे में दो घुसपैठ!

बॉलीवुड के ‘भाईजान’ सलमान खान एक बार फिर सुरक्षा को लेकर सुर्खियों में हैं। मुंबई के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट में दो अलग-अलग घुसपैठ की कोशिशें सामने आई हैं—और वह भी सिर्फ 48 घंटों के भीतर। इससे सलमान की Y+ सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इजराइल से क्यों चिढ़ते हैं खाड़ी देश? अमेरिका का लाडला कैसे बना ताकतवर खिलाड़ी! पहली घटना: फैन या फितूरी? 20 मई को एक युवक, जिसका नाम जितेन्द्र कुमार सिंह (छत्तीसगढ़ निवासी) बताया जा रहा है, गैलेक्सी अपार्टमेंट में कार के पीछे छिपकर…

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इजराइल से क्यों चिढ़ते हैं खाड़ी देश? अमेरिका का लाडला कैसे बना ताकतवर खिलाड़ी!

इजराइल— एक ऐसा देश जो दुनिया के नक्शे पर जितना छोटा है, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उसका उतना ही बड़ा प्रभाव है। खासकर खाड़ी देशों के लिए, यह नाम न सिर्फ कूटनीतिक तनाव का प्रतीक है, बल्कि एक ऐतिहासिक संघर्ष की निरंतरता भी है। पर सवाल है — खाड़ी देशों को इजराइल से इतनी चिढ़ क्यों है? और अमेरिका इसके साथ क्यों खड़ा रहता है? वॉशिंगटन में दो इसराइली राजनयिकों की हत्या, भारत ने जताया सख़्त विरोध 1. अरब-इजराइल युद्धों की विरासत: शुरुआत कहां से हुई? 1948 में इजराइल की स्थापना…

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वॉशिंगटन में दो इसराइली राजनयिकों की हत्या, भारत ने जताया सख़्त विरोध

वॉशिंगटन डीसी, जो आमतौर पर अमेरिकी प्रशासन और कूटनीति का शांत केंद्र माना जाता है, मंगलवार रात उस वक्त दहल उठा जब यहूदी संग्रहालय के पास दो इसराइली राजनयिकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये घटना अमेरिका और इजराइल के लिए ही नहीं, बल्कि भारत जैसे देशों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गई है। POK सिर्फ ज़मीन नहीं, भारत की नसों से जुड़ा है – जानिए क्यों! भारत की तीखी प्रतिक्रिया: जयशंकर ने कहा— अपराधियों को मिले कड़ी सजा भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस…

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