“Budget आने से पहले हलचल: आपकी थाली सस्ती होगी या शॉपिंग महंगी?”

सैफी हुसैन
सैफी हुसैन, ट्रेड एनालिस्ट

जैसे-जैसे Union Budget 2026 करीब आ रहा है, देश की इकॉनमी में उम्मीदें भी तेज़ हो गई हैं। Taxpayers से लेकर उद्योगों तक—हर किसी की नजर वित्त मंत्री की पोटली पर टिकी है।

मिडिल क्लास चाहता है, कम टैक्स, आसान compliance, ज़्यादा बचत, कम झंझट। महंगाई से परेशान सैलरीड क्लास को उम्मीद है कि यह बजट financial stress reducer साबित होगा।

क्या सस्ता हो सकता है?

Mobile & Electronics

सरकार मोबाइल पार्ट्स—camera module, display, charger—पर customs duty घटा सकती है। नतीजा: Made-in-India smartphones और tablets सस्ते।

Affordable Housing

Section 24(b) के तहत Home loan interest deduction, ₹2 लाख ➝ ₹5 लाख तक बढ़ने की चर्चा। EMI का बोझ हल्का, घर का सपना आसान।

Medicines & Medical Devices

कैंसर और life-saving दवाओं पर duty cut संभव। इलाज होगा थोड़ा कम दर्दनाक (जेब के लिए)।

Electric Vehicles (EV)

Lithium-ion battery raw material पर टैक्स घट सकता है। EV scooter और cars हो सकती हैं सस्ती।

Health Insurance

18% GST घटाने की ज़ोरदार मांग। Premium कम = protection ज़्यादा।

क्या महंगा हो सकता है?

Imported Luxury Items

विदेशी घड़ियां, premium cars, designer clothes, Customs duty बढ़ सकती है। Make in India को push

Tobacco & Cigarettes

NCCD टैक्स बढ़ने की पूरी संभावना। Smoking = और महंगी आदत।

Foreign Cosmetics

Imported perfumes, beauty products, Price tag और heavy

Income Tax पर सबसे बड़ा दांव

बजट से पहले सबसे बड़ा buzz

  1. ₹15 लाख तक Zero Tax slab की चर्चा
  2. Standard deduction
    ₹75,000 ➝ ₹1,00,000

अगर ऐसा हुआ, तो Salary आएगी वही, बचेगा ज़्यादा।

“जो देश में बनेगा, वही सस्ता मिलेगा, जो बाहर से आएगा—वो ‘स्टेटस सिंबल’ बनेगा।”

Budget 2026 का साफ इशारा यही है— देश में बनाओ, देश में बचाओ।

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