
BMC चुनाव इस बार सिर्फ नगर निगम का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह मुंबई की सत्ता के ज़रिए पूरे महाराष्ट्र की राजनीति को दिशा देने वाला मुकाबला बन गया है।
ताज़ा रुझानों में BJP 90 सीटों पर आगे है, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) 29 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। अगर यही ट्रेंड नतीजों में बदलता है, तो Mahayuti की BMC पर पकड़ लगभग तय मानी जा रही है।
Eknath Shinde के लिए असली Test
यह चुनाव एकनाथ शिंदे के लिए सिर्फ सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि यह साबित करने का मौका है कि “असली शिवसैनिक और वोटर किसके साथ हैं?”
जिन इलाकों को कभी उद्धव ठाकरे का अभेद्य किला माना जाता था, वहां शिंदे गुट का बेहतर प्रदर्शन यह संकेत देता है कि संगठन और कैडर लेवल पर उनकी पकड़ मजबूत हुई है।
BJP बनी Urban Powerhouse
दूसरी ओर, BJP मुंबई की सबसे प्रभावशाली शहरी ताकत बनकर उभरती दिख रही है। BMC जैसे हाई-प्रोफाइल चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर आगे रहना यह दिखाता है कि शहरी मतदाता अब development, governance और double-engine narrative को प्राथमिकता दे रहे हैं।
यह बढ़त मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व को भी राजनीतिक मजबूती देती है।
Uddhav Thackeray अभी Out नहीं
हालांकि तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। Shiv Sena (UBT) गठबंधन 71 सीटों पर आगे है, जो यह साबित करता है कि उद्धव ठाकरे का कोर वोट बैंक पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
राज ठाकरे की MNS के साथ गठबंधन के बावजूद सत्ता से दूरी, लेकिन राजनीतिक relevance अब भी कायम है।

मुंबई ने साफ संदेश दिया है— “Boss कौन बनेगा, ये तो नतीजे बताएंगे… लेकिन गेम अभी बाकी है!” यह चुनाव बता रहा है कि मुंबई में सत्ता solo नहीं, coalition में ही टिकेगी।
2027 Assembly का Trailer?
BMC के ये रुझान 2027 विधानसभा चुनावों का ट्रेलर माने जा रहे हैं। Mahayuti अगर BMC जीतती है, तो यह विपक्ष के लिए बड़ा psychological setback होगा।
वहीं, UBT का टिके रहना यह संकेत देता है कि महाराष्ट्र की राजनीति आने वाले वर्षों में high-voltage, multi-cornered बनी रहेगी।
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