नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम आपूर्ति से लेकर यूपीआई और वीजा-मुक्त यात्रा तक कई अहम समझौतों पर सहमति बनी है। दोनों देशों ने कम से कम 16 महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई है। प्रधानमंत्री मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच हुई वार्ता में दोनों देशों के रिश्तों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने का फैसला भी किया गया।
भारत और उज्बेकिस्तान ने असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए लंबे समय के लिए यूरेनियम आपूर्ति की व्यवस्था बनाने पर सहमति जताई है। हालांकि, संयुक्त बयान में यूरेनियम की प्रस्तावित मात्रा और आपूर्ति की समयसीमा का खुलासा नहीं किया गया है।
2030 तक 5 अरब डॉलर का होगा द्विपक्षीय व्यापार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार पहले ही एक अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। अब वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर पांच अरब डॉलर सालाना करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ पर संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए स्तर तक ले जाना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विदेश मंत्रियों की समन्वय परिषद बनाने पर सहमति
दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के लिए विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक समन्वय परिषद स्थापित करने का फैसला किया है। इसके साथ ही संयुक्त आयोग का स्तर सचिवों से बढ़ाकर मंत्रिस्तरीय करने पर भी सहमति बनी है।
भारत और उज्बेकिस्तान कारोबारी नेताओं की भागीदारी वाला संयुक्त व्यापार सम्मेलन भी आयोजित करेंगे। दोनों देशों ने आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने इन चुनौतियों को पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।
प्राचीन बौद्ध स्थलों के संरक्षण पर भी करार
भारत और उज्बेकिस्तान ने प्राचीन बौद्ध स्थलों फयाज तेपा और कारा तेपा के संरक्षण एवं पुनरुद्धार के लिए आशय पत्र पर सहमति जताई है। दोनों स्थल सिल्क रोड के जरिए मध्य एशिया में बौद्ध धर्म के प्रसार से जुड़े महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रमाण माने जाते हैं।
52 योग साधकों के साथ विशेष सत्र में शामिल हुए मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में 52 योग साधकों की भागीदारी वाले विशेष योग सत्र को भी देखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान योग से प्यार करता है। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचा, महत्वपूर्ण खनिज, खनन, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि, दवा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, यूपीआई और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के रक्षा उद्योगों को सैन्य उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी सहमति बनी है। दोनों पक्षों ने व्यापार को और बढ़ाने पर जोर दिया।
भारतीयों को 30 दिन तक वीजा की जरूरत नहीं
उज्बेकिस्तान ने भारतीय नागरिकों के लिए 30 दिन की वीजा-मुक्त यात्रा व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के मुताबिक, इस फैसले से दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा और पर्यटन तथा कारोबारी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
अब उज्बेकिस्तान में यूपीआई से कर सकेंगे भुगतान
डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भी भारत और उज्बेकिस्तान के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम और उज्बेकिस्तान के नेशनल इंटरबैंक प्रोसेसिंग सेंटर के बीच वाणिज्यिक समझौता किया गया है।
व्यवस्था लागू होने के बाद भारतीय यात्री अपने यूपीआई ऐप के जरिए उज्बेकिस्तान में दुकानों पर कोड स्कैन कर भुगतान कर सकेंगे। इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उज्बेकिस्तान के बाद किर्गिस्तान पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी
उज्बेकिस्तान यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान पहुंच गए। किर्गिस्तान के मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष अदेलबेक कासिमालियेव ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। इस दौरान पारंपरिक किर्गिज नृत्य की प्रस्तुति भी हुई।
होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष के साथ किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने बताया कि शिखर सम्मेलन में 10 सदस्य देश, 15 साझेदार देश और दो पर्यवेक्षक देश क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एकत्र होंगे।
