
साल के अंतिम दिन वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर और उसके आसपास भक्तों की संख्या इतनी अधिक है कि अफवाहें फैलने लगीं कि दर्शन पर रोक लगा दी गई है।
हालांकि, मथुरा के जिलाधिकारी (DM) चंद्र प्रकाश सिंह ने इन सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है।
DM का साफ संदेश: दर्शन पर कोई रोक नहीं
डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने स्पष्ट कहा कि “बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं के आने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। भक्त दर्शन के लिए आ सकते हैं, लेकिन भीड़ बहुत ज्यादा है।”
उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और संयम बनाए रखने की अपील की।
रोक नहीं है, लेकिन भीड़ देखकर खुद रुक जाने का मन हो सकता है।
नए साल पर क्यों बढ़ गई भीड़?
नए साल से पहले और बाद में वृंदावन आने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। भक्त मानते हैं कि साल की शुरुआत बांके बिहारी जी के दर्शन से करने पर शुभ फल मिलता है। इसी आस्था के चलते साल के अंतिम दिन मंदिर में रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिल रही है।
मंदिर प्रबंधन की अपील: 29 दिसंबर–5 जनवरी तक न आएं
भीड़ को देखते हुए श्री बांके बिहारी जी मंदिर प्रबंधन समिति ने पहले ही श्रद्धालुओं से अपील की थी कि यदि संभव हो तो 29 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच वृंदावन आने से बचें।

समिति ने अपने बयान में कहा— “मंदिर और उसके आसपास अत्यधिक भीड़ के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।”
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए:
- अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
- बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन
- सीसीटीवी से निगरानी
- मेडिकल और आपात सेवाएं अलर्ट
प्रशासन का फोकस है कि दर्शन भी हों और कोई अव्यवस्था न हो।
भक्ति बनाम भीड़: यही है साल का आखिरी टेस्ट
वृंदावन में इस वक्त जो माहौल है, वह भक्ति और भीड़ के बीच का संतुलन दिखाता है। एक ओर श्रद्धा है, दूसरी ओर व्यवस्था।
भगवान के दर्शन तो मिल जाएंगे, लेकिन patience का test फ्री में देना पड़ेगा।
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