
भारतीय एयरलाइन SpiceJet को बड़ा झटका लगा है। सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश सरकार ने एयरलाइन को अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल से अस्थायी रूप से रोक दिया है। वजह बताई जा रही है बकाया भुगतान का मामला।
इस फैसले का सीधा असर उन उड़ानों पर पड़ेगा जो कोलकाता से गुवाहाटी और अन्य पूर्वोत्तर गंतव्यों के बीच संचालित होती हैं। अब विमानों को लंबा और वैकल्पिक रूट लेना होगा, जिससे समय और ईंधन लागत दोनों बढ़ सकती हैं।
पेमेंट विवाद या डिप्लोमैटिक सिग्नल?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बकाया रकम को लेकर संबंधित अधिकारियों और एयरलाइन के बीच बातचीत जारी है। SpiceJet के प्रवक्ता ने भी पुष्टि की है कि कंपनी इस मुद्दे को सुलझाने के लिए नियमित संवाद में है।
एविएशन इंडस्ट्री में रनवे से ज्यादा जरूरी कभी-कभी अकाउंट बैलेंस हो जाता है।
लंबा रूट, बढ़ती लागत
एयरस्पेस बैन का मतलब है उड़ान का समय बढ़ेगा, ईंधन खर्च बढ़ेगा, ऑपरेशनल लागत में इजाफा, संभावित किराया प्रभाव। हालांकि फिलहाल यात्रियों के लिए कोई तत्काल किराया बढ़ोतरी की घोषणा नहीं की गई है।
एविएशन सेक्टर पहले ही दबाव में
भारतीय एविएशन इंडस्ट्री पहले से ही लागत, प्रतिस्पर्धा और नकदी प्रवाह जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में एयरस्पेस विवाद जैसी घटनाएं ऑपरेशनल स्थिरता पर असर डाल सकती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों को जल्दी सुलझाना दोनों देशों के लिए व्यावहारिक समाधान होगा।

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर असर?
पूर्वोत्तर भारत के लिए कोलकाता एक महत्वपूर्ण हब है। यदि लंबे समय तक यह प्रतिबंध जारी रहता है, तो कनेक्टिविटी और शेड्यूलिंग पर दबाव बढ़ सकता है।
हालांकि यह एक वाणिज्यिक विवाद बताया जा रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एविएशन में ऐसे निर्णय अक्सर व्यापक प्रभाव छोड़ते हैं।
फिलहाल मामला प्रशासनिक स्तर पर सुलझाने की कोशिश जारी है।
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