
बहराइच में कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिवेंद्र प्रताप सिंह से रानीपुर थाने के थानाध्यक्ष ब्रम्हानंद गोंड द्वारा की गई कथित बदसलूकी और धमकी के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
अब कांग्रेस कार्यकर्ता थानाध्यक्ष और अन्य पुलिस कर्मियों के निलंबन की मांग को लेकर कलेक्टरेट परिसर में जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं।
कलेक्ट्रेट में नारेबाजी, ज्ञापन सौंपा, आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेसियों ने कहा कि पुलिस की गुंडई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि:
“यदि दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित नहीं किया गया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ा आंदोलन करेंगे।”
क्या है पूरा मामला? वायरल वीडियो से मचा बवाल
दरअसल, 4 दिन पहले कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिवेंद्र प्रताप सिंह एक जमीनी विवाद में सुलह समझौते के लिए रानीपुर थाने पहुंचे थे।
वहां मौजूद थानाध्यक्ष ब्रम्हानंद गोंड ने:
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कथित रूप से अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया
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उन्हें जूते से मारने की धमकी दी
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला गरमा गया।

जिलाध्यक्ष का आरोप: लोकतंत्र की हत्या
कांग्रेस जिलाध्यक्ष का कहना है:
“एक जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र की हत्या है। पुलिस बेलगाम हो चुकी है, और अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो सड़कों पर उतरेंगे।”
राजनीतिक रंग लेता जा रहा है मामला
यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। स्थानीय कांग्रेस इकाई इस मुद्दे को जनता की आवाज बताकर आगामी दिनों में प्रदेश स्तर तक ले जाने की तैयारी कर रही है।
प्रशासन की चुप्पी, लेकिन जांच की उम्मीद
फिलहाल प्रशासन ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक:
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जांच बैठाई जा सकती है
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थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है
सत्ता बनाम विपक्ष का आमना-सामना?
इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और राजनीतिक हस्तक्षेप पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मुद्दा आगामी चुनावों में भी गूंज सकता है।
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