बुंदेलखंड को बड़ी सौगात: चित्रकूट में 600 करोड़ से बनेगी BEL की अत्याधुनिक रक्षा इकाई, रडार और एयर डिफेंस सिस्टम का होगा निर्माण

चित्रकूट: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) चित्रकूट रक्षा औद्योगिक गलियारे में 600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर अत्याधुनिक रक्षा विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में रडार, वायु रक्षा प्रणाली और अन्य आधुनिक रक्षा उपकरणों के निर्माण के साथ रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल की सुविधा विकसित करने की योजना है। इससे बुंदेलखंड में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के लिए 562.5 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश का प्रस्ताव रखा गया है। भविष्य में शामिल होने वाली रक्षा परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए बीईएल ने इन्वेस्ट यूपी के समक्ष 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव रखा है।

प्रस्तावित इकाई में क्यूआरएसएम, वायु रक्षा प्रणाली और अगली पीढ़ी के रडार सिस्टम जैसी महत्वपूर्ण रक्षा परियोजनाओं के लिए विनिर्माण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल के लिए अलग सुविधा तैयार करने की भी योजना है।

600 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को मिली मंजूरी

मंगलवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की बैठक हुई। इसमें चित्रकूट में निवेश के लिए बीईएल को लेटर ऑफ कम्फर्ट दिए जाने से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

समिति की मंजूरी के बाद अब इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

बीईएल की प्रस्तावित इकाई में रडार और वायु रक्षा प्रणालियों के निर्माण के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रक्षा क्षेत्र की इन परियोजनाओं से चित्रकूट को देश के रक्षा विनिर्माण मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान मिलने की संभावना है।

चित्रकूट में पहले ही आवंटित हो चुकी है 75 हेक्टेयर जमीन

चित्रकूट में विकसित किए जा रहे रक्षा औद्योगिक गलियारे में बीईएल को पहले ही 75 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जा चुकी है। ऐसे में प्रस्तावित निवेश को क्षेत्र में रक्षा उद्योग के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस परियोजना का असर केवल रक्षा उत्पादन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। इससे बुंदेलखंड में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

बीईएल की यह परियोजना बुंदेलखंड के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रक्षा क्षेत्र में बड़ी विनिर्माण इकाई स्थापित होने से क्षेत्र में सहायक उद्योगों और अन्य औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार और इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय किरन आनंद समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

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