एक आशिक फिर बेघर हो गया: तेज प्रताप यादव को RJD से निकाला गया

आलोक सिंह
आलोक सिंह

बिहार की राजनीति का एक और पारिवारिक धारावाहिक अब सोशल मीडिया की स्क्रीन से उतरकर पार्टी दफ्तरों में गूंज रहा है। तेज प्रताप यादव, जिन्हें कभी राधे-राधे वाले अंदाज़ में देखा गया था, अब आरजेडी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिए गए हैं। यह आदेश पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने स्वयं दिया।

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लालू यादव ने सोशल मीडिया पर साफ किया —

“पार्टी और परिवार में तेज प्रताप की कोई भूमिका नहीं रहेगी।”

तेजस्वी बोले: “हमें ये सब अच्छा नहीं लगता… लेकिन बड़े हैं”

मामले पर छोटे भाई और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से जब प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने डिप्लोमैटिक चाय पीते हुए कहा:

“राजनीतिक और निजी जीवन अलग होता है। वह बड़े भाई हैं, निर्णय उनका अधिकार है।”

हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि,

“हम ऐसी चीजें पसंद नहीं करते और न बर्दाश्त कर सकते हैं।”

शायद राजनीति में प्यार से ज्यादा “डिस्टेंस” जरूरी होता है।

सोशल मीडिया: अब राजनीति का नया अखाड़ा?

तेज प्रताप यादव के फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ बवाल इतना बढ़ गया कि पार्टी ने सीधे बाहर का रास्ता दिखा दिया। तेज प्रताप ने इसके बाद एक्स पर सफाई दी कि:

“मेरा सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लिया गया है। मेरी फोटो को गलत तरीके से एडिट किया गया है।”

सोशल मीडिया अब सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज नहीं, ब्रेकअप न्यूज भी बनाता है!

राजनीति भी इश्क़ की तरह है…

तेज प्रताप यादव अब पार्टी से निकाले जा चुके हैं। सोशल मीडिया से पहले ही “emotionally unavailable” दिख रहे हैं, और परिवार ने भी “आपसी दूरी” बना ली है।

एक आशिक फिर बेघर हो गया, पर राजनीति में “घर वापसी” की संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं।

जैसे राजनीति कहती है —

“वोट बदल सकते हैं, रिश्ते नहीं… पर टिकट मिलना मुश्किल है!”

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