यूपी में अब जन सेवा केंद्रों पर भी कसेगा शिकंजा, एआई बताएगा कौन सा केंद्र कितना कर रहा काम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने वाले जन सेवा केंद्रों की अब तकनीक के जरिए लगातार निगरानी की जाएगी। प्रस्तावित कॉमन सर्विस सेंटर 4.0 में यह व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसके तहत केंद्रों के कामकाज, सेवाओं की गुणवत्ता, जवाबदेही और शिकायतों के निस्तारण पर नजर रखी जाएगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किस केंद्र पर सेवाएं तय समय में मिल रही हैं और कहां लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सेवा की गुणवत्ता और समयबद्धता होगी तय

सीएससी 4.0 में सेवा उपलब्ध कराने के लिए सेवा स्तर समझौते के जरिए सेवा प्रदाताओं और जन सेवा केंद्रों के लिए गुणवत्ता और समयबद्धता के मानक तय किए जाएंगे। केंद्रों के प्रदर्शन का आकलन निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा। यानी केवल केंद्र के खुले होने को ही कामकाज का आधार नहीं माना जाएगा, बल्कि वहां उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और पूरे प्रदर्शन की निगरानी होगी।

प्रदर्शन का होगा तय मानकों पर आकलन

नई व्यवस्था में प्रमुख प्रदर्शन संकेतक आधारित निगरानी की भी व्यवस्था होगी। इसके जरिए प्रत्येक केंद्र के कामकाज का मूल्यांकन किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कौन सा केंद्र निर्धारित मानकों के अनुसार बेहतर काम कर रहा है और किन केंद्रों पर सेवाओं की गुणवत्ता या कामकाज में सुधार की जरूरत है।

रियल टाइम निगरानी के साथ ऑनलाइन शिकायत की सुविधा

सीएससी 4.0 के तहत जन सेवा केंद्रों की गतिविधियों पर वास्तविक समय में निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा के मानकों को भी लागू किया जाएगा। किसी केंद्र पर सेवा नहीं मिलने, देरी होने या अन्य समस्या की स्थिति में लोग ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के समाधान के लिए जिला स्तर पर सहायता केंद्र भी बनाए जाएंगे, जिससे शिकायत दर्ज होने के साथ उसके निस्तारण की जिम्मेदारी तय की जा सके।

हर जिले में चुने जाएंगे दो सेवा प्रदाता

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक जिले में ई-निविदा के माध्यम से दो जिला सेवा प्रदाताओं का चयन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम दो जन सेवा केंद्र संचालित किए जाने की व्यवस्था होगी। फिलहाल प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 2.31 लाख से अधिक जन सेवा केंद्र संचालित हैं। इनके माध्यम से 54 विभागों की 359 सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

तकनीक के जरिए तय होगी केंद्रों की जवाबदेही

सीएससी 4.0 में निगरानी की पूरी व्यवस्था तकनीक आधारित रखने की तैयारी है। इसका उद्देश्य जन सेवा केंद्रों को केवल सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने का माध्यम बनाने के बजाय उनके प्रदर्शन और जवाबदेही को भी सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद केंद्रों की सेवा गुणवत्ता और लोगों की शिकायतों के निस्तारण की स्थिति पर अधिक प्रभावी तरीके से नजर रखी जा सकेगी।

 

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