मिस यूनिवर्स की तैयारी में आकांक्षा चौधरी ने बदला लुक, गालों की चर्बी घटाने पर खर्च किए 60 हजार रुपये

मुंबई: मिस यूनिवर्स की तैयारी के दौरान अपने लुक को लेकर महसूस किए गए दबाव पर आकांक्षा चौधरी ने खुलकर बात की है। रियलिटी शो स्टार ने बताया कि पेजेंट की तैयारी के दौरान उन्हें बार-बार कहा गया कि मॉडलिंग और ब्यूटी पेजेंट की दुनिया में शार्प और तराशा हुआ चेहरा जरूरी है। इसी दबाव के बीच उन्होंने गालों की चर्बी कम कराने के लिए उपचार कराया और इस पर करीब 40 हजार से 60 हजार रुपये तक खर्च किए।

नाक की सर्जरी की अफवाहों को आकांक्षा ने किया खारिज

आकांक्षा ने एक बातचीत के दौरान उन ऑनलाइन दावों पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें उनके नाक की सर्जरी कराने की बात कही जा रही थी। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने नाक की कोई सर्जरी नहीं कराई है।

इसके बाद उन्होंने अपने चेहरे से जुड़ी एक और प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी, जिसे उन्होंने मिस यूनिवर्स की तैयारी के दौरान कराने के बारे में गंभीरता से सोचा था।

शार्प चेहरा बनाने के लिए मिली थी सलाह

आकांक्षा के मुताबिक, मिस यूनिवर्स की यात्रा शुरू करने से पहले उन्हें कई लोगों ने सलाह दी कि उनके गाल कम होने चाहिए। उन्हें बताया गया कि मॉडलिंग और सौंदर्य प्रतियोगिताओं में तराशे हुए चेहरे को प्राथमिकता दी जाती है।

इस लगातार मिल रही सलाह के बाद आकांक्षा ने गालों की चर्बी कम करने वाली प्रक्रिया कराने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने पैसे बचाने शुरू किए और डॉक्टर से सलाह लेने के लिए मुंबई भी गईं।

खर्च जुटाने के लिए खाने-पीने में भी की कटौती

आकांक्षा ने बताया कि प्रक्रिया के लिए पैसे जुटाने के दौरान उन्होंने अपने खर्च में काफी कटौती की। उनके मुताबिक, एक समय ऐसा भी आया जब वह दिन में सिर्फ एक बार तरबूज खाती थीं। उन्होंने चेहरे की चर्बी कम करने वाले इंजेक्शन भी लगवाए।

उन्होंने बताया कि करीब चार से पांच सप्ताह तक यह उपचार कराया गया। इस दौरान कुल मिलाकर लगभग 40 हजार से 60 हजार रुपये खर्च हुए।

इलाज के बाद उम्मीद के मुताबिक नहीं मिला परिणाम

आकांक्षा ने बताया कि कई सप्ताह तक उपचार कराने के बावजूद उन्हें वह परिणाम नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया के दौरान चेहरे के हिस्से में इंजेक्शन लगाए जाते थे, लेकिन चार से पांच सप्ताह बाद भी उन्हें कोई खास बदलाव नजर नहीं आया।

परमानेंट सर्जरी से आखिरकार बनाई दूरी

आकांक्षा ने बताया कि चेहरे को लेकर बने दबाव के बावजूद उन्होंने अंत में किसी स्थायी सर्जरी का विकल्प नहीं चुना। उनके अनुभव से यह भी सामने आया कि मॉडलिंग और सौंदर्य प्रतियोगिताओं में अपने लुक को लेकर प्रतियोगियों पर किस तरह का दबाव बनाया जाता है।

 

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