वॉशिंगटन: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है और वह इस नियंत्रण को बनाए रखने का इरादा रखता है। उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को ‘स्टील की दीवार’ बताते हुए ईरान को खुली चुनौती दी है।
ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता पर उठाए सवाल
ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान की मौजूदा सैन्य स्थिति पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमताएं बुरी तरह कमजोर हो चुकी हैं। ट्रंप के मुताबिक, ईरान के पास नौसेना और वायुसेना नहीं बची है, जबकि वहां के बचे हुए सैनिकों को वेतन नहीं मिल रहा है।
उन्होंने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को भी कमजोर बताते हुए दावा किया कि ईरान की नेतृत्व व्यवस्था खराब स्थिति में है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के पास पैसे नहीं हैं और देश की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने ईरान में महंगाई 300 प्रतिशत होने का दावा करते हुए कहा कि उसके पास केवल फर्जी खबरें और बयानबाजी रह गई है।
हॉर्मुज पर अमेरिका के नियंत्रण का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है। उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को ‘स्टील की दीवार’ बताया और दावा किया कि ईरान उसके खिलाफ कुछ नहीं कर सकता। ट्रंप की इस टिप्पणी को दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच बेहद आक्रामक बयान के तौर पर देखा जा रहा है।
दुनिया के तेल कारोबार के लिए बेहद अहम है हॉर्मुज
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का करीब पांचवां हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां सैन्य टकराव या समुद्री यातायात बाधित होने की स्थिति में वैश्विक तेल कीमतों, जहाजों के बीमा और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है।
ईरान और ओमान के बीच स्थित यह जलडमरूमध्य लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का प्रमुख केंद्र रहा है। ईरान कई मौकों पर संकेत दे चुका है कि यदि उस पर सैन्य या आर्थिक दबाव बढ़ता है तो वह समुद्री यातायात को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी
हॉर्मुज में तनाव के बीच अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी मजबूत बनाए रखी है। वॉशिंगटन का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखना और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में है।
तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयास भी जारी बताए जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत में हॉर्मुज में सामान्य समुद्री गतिविधियों की बहाली और क्षेत्रीय तनाव कम करने की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। ऐसे में ट्रंप का ताजा बयान आने वाले दिनों में खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
