अपराजिता की बेल में लग गए हैं कीड़े? सूखने से पहले अपनाएं ये आसान उपाय, फिर खिल उठेगा पौधा

नई दिल्ली: घर की बालकनी या बगीचे में लगी अपराजिता की बेल अपने नीले और सफेद फूलों से खूबसूरती बढ़ा देती है। हालांकि मौसम बदलने के साथ इस पौधे पर कीड़ों का हमला होना आम बात है। कीड़ों के कारण पौधे की बढ़वार रुक जाती है और धीरे-धीरे बेल सूखने लगती है। यदि आपके अपराजिता के पौधे में भी यही समस्या आ रही है, तो कुछ आसान घरेलू उपायों से इसे दोबारा स्वस्थ और हरा-भरा बनाया जा सकता है।

सबसे पहले पहचानें किस तरह के कीड़े लगे हैं

पौधे का ध्यान से निरीक्षण करें। यदि पत्तियों पर सफेद रंग के छोटे कीड़े दिखाई दे रहे हैं, तो वे मिलीबग्स हो सकते हैं। वहीं छोटे हरे या काले रंग के कीड़े एफिड्स कहलाते हैं। यह भी देखें कि कीड़े केवल किसी एक टहनी तक सीमित हैं या पूरे पौधे में फैल चुके हैं। यदि संक्रमण एक हिस्से तक है, तो उस टहनी को काटकर अलग कर दें ताकि कीड़े पूरे पौधे में न फैलें। अगर कीड़ों की संख्या कम है, तो तेज पानी की धार से भी उन्हें हटाया जा सकता है।

प्राकृतिक तरीके से करें कीड़ों का सफाया

रासायनिक कीटनाशकों की जगह प्राकृतिक उपाय भी प्रभावी साबित हो सकते हैं। इसके लिए एक लीटर पानी में एक चम्मच नीम का तेल और 4 से 5 बूंद लिक्विड डिश वॉश मिलाकर स्प्रे तैयार करें। इस घोल का पूरे पौधे पर छिड़काव करें।

एक अन्य घरेलू उपाय के तहत एक लीटर पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा और कुछ बूंदें शैम्पू मिलाकर स्प्रे किया जा सकता है। यह मिश्रण फंगस की समस्या को कम करने में मददगार माना जाता है।

मिट्टी की देखभाल भी है बेहद जरूरी

सिर्फ पत्तियों की सफाई काफी नहीं होती। कई बार फंगस और कीट मिट्टी में मौजूद रहते हैं, जो जड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में मिट्टी में सूखी नीम की खली या सूखी चायपत्ती मिलाई जा सकती है। इससे पौधे को पोषण भी मिलता है और कीड़ों की संभावना भी कम होती है। इसके अलावा हल्दी पाउडर का हल्का छिड़काव करने से चींटियां और अन्य कीड़े मिट्टी से दूर रहते हैं।

दोबारा कीड़े न लगें, इसके लिए रखें इन बातों का ध्यान

अपराजिता की बेल को रोजाना कम से कम 4 से 5 घंटे धूप मिलने वाली जगह पर रखें। गमले में जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें, क्योंकि अधिक नमी से जड़ें सड़ सकती हैं और कीट तेजी से पनपते हैं। साथ ही गमले का जल निकासी तंत्र सही होना चाहिए। पौधे पर सूखी या सड़ी हुई पत्तियां दिखाई दें तो उन्हें तुरंत हटा दें, ताकि संक्रमण फैलने की आशंका कम रहे।

 

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