अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू होते ही पीएम मोदी का बड़ा संदेश, श्रद्धालुओं से दिलाए 5 अहम संकल्प

नई दिल्ली: पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 के शुभारंभ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के शिवभक्तों के नाम एक विशेष संदेश जारी किया है। प्रधानमंत्री ने यात्रा को भारत की सनातन आस्था, सांस्कृतिक एकता और सेवा भावना का प्रतीक बताते हुए श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने की अपील की है। उन्होंने सभी यात्रियों की सुरक्षित, सफल और मंगलमय यात्रा की कामना भी की।

बारिश के बीच बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के जत्थे रवाना हो चुके हैं। पहले जत्थे में 10 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हैं। बालटाल मार्ग से जाने वाले श्रद्धालु उसी दिन दर्शन करेंगे, जबकि पहलगाम मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालु अगले दिन पवित्र गुफा तक पहुंचेंगे। यह वार्षिक यात्रा 28 अगस्त तक जारी रहेगी।

आस्था, एकता और सेवा का प्रतीक है अमरनाथ यात्रा

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि अमरनाथ यात्रा में शामिल होना प्रत्येक श्रद्धालु के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि ज्येष्ठ पूर्णिमा की प्रथम पूजा के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन का पावन क्रम शुरू हो जाता है और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनने के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं।

उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा भारत की आध्यात्मिक परंपरा का ऐसा अध्याय है, जहां अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े लोग एक ही आस्था के सूत्र में बंधकर महादेव के दर्शन के लिए एकत्र होते हैं।

यात्रा व्यवस्था में जुटी एजेंसियों की सराहना

प्रधानमंत्री ने यात्रा के सफल संचालन में जुटे सभी विभागों और संस्थाओं की भूमिका की सराहना की। उन्होंने श्राइन बोर्ड, प्रशासन और सुरक्षा बलों के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता से लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित बन रही है।

उन्होंने सेना, अर्धसैनिक बलों, पुलिस, आपदा प्रबंधन दलों, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों, प्रशासनिक अधिकारियों, सफाई कर्मियों और सेवा कार्य में लगे स्वयंसेवकों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा।

यात्रियों को दिलाए गए 5 बड़े संकल्प

प्रधानमंत्री ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से पांच संकल्प लेने का आग्रह किया।

पहला संकल्प स्वच्छता से जुड़ा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि यात्रा मार्ग और आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखने में अपना योगदान दें और स्वच्छता नियमों का पालन करें।

दूसरा संकल्प सुरक्षा और अनुशासन का है। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशासन के निर्देशों, यातायात नियमों और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन किया जाए। साथ ही बारिश, ठंड और फिसलन जैसी परिस्थितियों में विशेष सावधानी बरती जाए।

तीसरा संकल्प स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से जुड़ा है। उन्होंने यात्रियों से आग्रह किया कि यात्रा पर होने वाले खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, जिससे जम्मू-कश्मीर के युवाओं और परिवारों को आर्थिक लाभ मिल सके।

चौथा संकल्प पर्यावरण संरक्षण को समर्पित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई या बहन को एक पौधा उपहार में देकर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाया जाए।

पांचवां संकल्प राष्ट्र निर्माण से जुड़ा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

बाबा बर्फानी से सभी की सुखद यात्रा की कामना

अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि अमरनाथ यात्रा सनातन आस्था, राष्ट्रीय एकता और निस्वार्थ सेवा की भावना का भव्य उत्सव बनेगी। उन्होंने बाबा बर्फानी से सभी श्रद्धालुओं पर कृपा बनाए रखने और उनकी यात्रा को सुरक्षित एवं सफल बनाने की प्रार्थना की।

 

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