12 साल NDA, नया इतिहास PM मोदी के नाम! नेहरू का रिकॉर्ड पीछे, आज दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन करेगी सत्ताधारी गठबंधन

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के साथ ही भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4399 दिनों का कार्यकाल पूरा कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। इसी उपलब्धि के बीच आज राजधानी दिल्ली में एनडीए की बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे।

राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सहयोगी दलों के प्रमुख नेता एक मंच पर नजर आएंगे।

PM मोदी ने रचा नया रिकॉर्ड

10 जून का दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर में एक ऐतिहासिक पड़ाव बन गया है। निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने लगातार 4399 दिनों का कार्यकाल पूरा कर दिया है।

इसी के साथ वह भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। यह तुलना देश में पहले आम चुनाव के बाद शुरू हुए कार्यकाल के आधार पर की गई है।

भारत मंडपम में जुटेगा NDA का कुनबा

एनडीए की अहम बैठक नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित की जा रही है। इस कार्यक्रम में गठबंधन शासित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री शामिल होने वाले हैं।

बैठक में भाजपा और सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ भविष्य की राजनीतिक रणनीति, संगठन विस्तार और विकास योजनाओं को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

PM मोदी को बधाई प्रस्ताव ला सकता है NDA

सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें बधाई देने के लिए एक विशेष प्रस्ताव भी पारित किया जा सकता है।

गठबंधन के नेताओं की ओर से इसे भारतीय लोकतंत्र और जनसमर्थन का बड़ा प्रतीक बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि बैठक में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार की उपलब्धियों को भी प्रमुखता से रखा जाएगा।

कई बड़े नेता रहेंगे मौजूद

बैठक में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा एनडीए के सहयोगी दलों के प्रमुख चेहरे भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। ऐसे में यह बैठक राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आगामी चुनावों पर भी होगा मंथन

सूत्रों का कहना है कि बैठक में आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भी रणनीति पर चर्चा की जाएगी। विभिन्न राज्यों में संगठन की स्थिति, चुनावी चुनौतियों और गठबंधन की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श होने की संभावना है।

इसके साथ ही विकास योजनाओं, सुशासन मॉडल और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर भी फोकस किया जा सकता है।

INDIA गठबंधन की बैठक के बाद बढ़ा सियासी महत्व

एनडीए की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब हाल ही में विपक्षी INDIA गठबंधन भी अपनी रणनीति को लेकर बैठक कर चुका है। ऐसे में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के बीच राजनीतिक सक्रियता तेज होती दिखाई दे रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी मुकाबलों को देखते हुए यह बैठक एनडीए के लिए शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच साबित हो सकती है।

 

Related posts