नई दिल्ली: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों को झटका लगा, वहीं खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर बनकर सामने आई।
बाजार में सबसे ज्यादा असर चांदी की कीमतों पर देखने को मिला, जबकि सोना भी हजारों रुपये तक सस्ता हो गया। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बने दबाव का सीधा असर घरेलू कमोडिटी बाजार पर दिखाई दिया।
चांदी में आई बड़ी गिरावट
सोमवार को घरेलू कमोडिटी बाजार में चांदी के दामों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। जुलाई डिलीवरी वाली चांदी के भाव में 5,600 रुपये से अधिक की कमी दर्ज की गई और कीमत 2.43 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के नीचे पहुंच गई।
कारोबार के दौरान चांदी करीब 2.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,42,894 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती नजर आई। इस गिरावट ने बाजार में हलचल पैदा कर दी।
सोना भी हुआ सस्ता
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब 1,800 रुपये तक सस्ता हो गया और इसकी कीमत 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे पहुंच गई।
कारोबार के दौरान सोना लगभग 1.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,53,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का दिखा असर
वैश्विक बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में दबाव बना रहा। स्पॉट गोल्ड में गिरावट दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी कमजोर दिखाई दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती के कारण सोने पर दबाव बढ़ा है।
डॉलर मजबूत होने पर सोने की मांग पर असर पड़ता है, जिससे कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।
अन्य कीमती धातुओं में भी कमजोरी
सोना और चांदी ही नहीं, बल्कि अन्य कीमती धातुओं में भी नरमी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्लैटिनम और चांदी दोनों के दाम कमजोर हुए, जबकि पैलेडियम अपेक्षाकृत स्थिर बना रहा।
अमेरिकी ब्याज दरों की आशंका बनी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका में मजबूत रोजगार आंकड़े सामने आने के बाद यह संभावना बढ़ गई है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है या आगे बढ़ा भी सकता है।
आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने पर सोने जैसे गैर-ब्याज वाले निवेश विकल्पों की मांग घटती है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ी बाजार की बेचैनी
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच बढ़े सैन्य तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है।
तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक महंगाई को बढ़ावा दे सकती हैं, जिसके चलते केंद्रीय बैंक सख्त मौद्रिक नीतियां अपनाने को मजबूर हो सकते हैं। इसी आशंका ने भी सोना-चांदी के बाजार को प्रभावित किया है।
खरीदारों के लिए मौका, निवेशकों के लिए चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट खरीदारी करने वालों के लिए अवसर साबित हो सकती है। हालांकि निवेशकों को बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतक और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे।
