कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी, आधा दर्जन राज्यों के प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष बदलने के संकेत

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी में बड़े स्तर पर संगठनात्मक बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आधा दर्जन राज्यों के प्रभारी और प्रदेश अध्यक्षों में जल्द बदलाव किया जा सकता है। इसके साथ ही निष्क्रिय माने जा रहे पदाधिकारियों को संगठन से हटाकर नए और सक्रिय चेहरों को मौका देने पर भी मंथन चल रहा है।

वरिष्ठ नेतृत्व के बीच हुई अहम बैठक

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे बदलाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के बीच हाल ही में गहन चर्चा हुई है। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह रणनीति तैयार की जा रही है।

आधा दर्जन राज्यों में प्रभारी बदलने की तैयारी

पार्टी के भीतर जिन राज्यों में बदलाव की चर्चा सबसे अधिक है उनमें तमिलनाडु, हरियाणा, असम, राजस्थान और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इन राज्यों के वर्तमान प्रभारियों को बदलकर नए चेहरों को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही कई अन्य राज्यों के प्रभारियों के कामकाज की समीक्षा भी की जा रही है।

प्रदेश अध्यक्षों के प्रदर्शन की समीक्षा जारी

कांग्रेस संगठन में पंजाब, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के प्रदर्शन की समीक्षा की जा रही है। पार्टी नेतृत्व इन राज्यों में संगठन की स्थिति, सक्रियता और चुनावी तैयारी को लेकर विस्तृत आकलन कर रहा है। समीक्षा के आधार पर कुछ राज्यों में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना भी जताई जा रही है।

राजस्थान और अन्य राज्यों में बदलाव पर मंथन

राजस्थान में प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की जगह नए नेतृत्व को लेकर भी चर्चा चल रही है। सूत्रों के अनुसार, सचिन पायलट के नाम पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा तमिलनाडु और मणिपुर में भी प्रदेश अध्यक्ष बदलने की संभावना को लगभग तय माना जा रहा है।

कई राज्यों में चुनावी रणनीति पर फोकस

कांग्रेस का ध्यान फिलहाल उन राज्यों पर केंद्रित है जहां आगामी समय में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर, गुजरात और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में संगठन को मजबूत करने के लिए यह फेरबदल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इनमें से कई राज्यों में कांग्रेस का सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी से है।

कार्यसमिति में भी हो सकते हैं बदलाव

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की कार्यसमिति में भी बदलाव पर विचार किया जा रहा है। कुछ वरिष्ठ और उम्रदराज नेताओं की जगह नए और सक्रिय चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना है। हाल ही में कर्नाटक में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद पार्टी ने सिद्धारमैया को कार्यसमिति में शामिल किया है, जबकि डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।

कुल मिलाकर कांग्रेस संगठन में यह संभावित फेरबदल आगामी चुनावों से पहले पार्टी को नई रणनीति और नई ऊर्जा देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

 

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