लखनऊ: राजधानी में परिवहन विभाग ने डग्गामार बसों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान एक ऐसी बस को पकड़ा है, जिसे रोडवेज की बसों जैसा रंग देकर यात्रियों को भ्रमित किया जा रहा था। संयुक्त जांच अभियान में पकड़ी गई इस बस पर 1.36 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है, जबकि वाहन को सीज कर दिया गया है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रोडवेज अधिकारियों की शिकायत के बाद बुधवार को आलमबाग स्थित टेढ़ी पुलिया क्षेत्र में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। जांच के दौरान दोपहर करीब 12 बजे एक बस संदिग्ध अवस्था में मिली, जिसका बाहरी रंग और स्वरूप पूरी तरह रोडवेज बसों जैसा था।
दस्तावेजों की जांच में खुला पूरा मामला
जब अधिकारियों ने बस के दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि वाहन निजी स्वामित्व का है। बस प्रयागराज में कमरूल हसन के नाम से पंजीकृत पाई गई। मौके पर चालक मनोज मौजूद था। जांच के बाद परिवहन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बस को सीज कर दिया।
अधिकारियों ने बस संचालक पर 1 लाख 36 हजार 250 रुपये का जुर्माना भी लगाया। कार्रवाई के दौरान रोडवेज के आलमबाग और हैदरगढ़ उपनगरीय डिपो के अधिकारी भी मौजूद रहे।
बस के रंग संबंधी रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ी
जांच में बस की फिटनेस, परमिट, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र समेत अन्य दस्तावेज वैध पाए गए। हालांकि जब वाहन के रंग से संबंधित विवरण की जांच की गई तो रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितता सामने आई। दस्तावेजों में बस के वास्तविक रंग के स्थान पर संदिग्ध और भ्रामक विवरण दर्ज पाया गया, जिससे रंग संबंधी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की आशंका जताई गई है।
सीज बस खड़ी करने को लेकर भी हुआ विवाद
कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग की टीम बस को आलमबाग बस टर्मिनल लेकर पहुंची, लेकिन वहां बस खड़ी करने की अनुमति नहीं मिली। जगह की कमी का हवाला देते हुए रोडवेज अधिकारियों ने बस को अन्यत्र ले जाने को कहा। इसके बाद सीज वाहन को वृंदावन कॉलोनी स्थित पी-4 पार्किंग में खड़ा कराया गया।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
राजधानी में सरकारी परिवहन सेवाओं के स्वरूप की नकल कर वाहनों का संचालन किए जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी एक प्रकरण में सीएनजी बस को ई-बस की तरह रंगकर संचालन किए जाने का मामला सामने आया था। उस समय मामला उजागर होने पर संबंधित अधिकारियों को जवाबदेही का सामना करना पड़ा था।
परिवहन विभाग का कहना है कि यात्रियों को भ्रमित करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
