
मिडिल ईस्ट की रातें इन दिनों बारूद की गंध से भारी हैं. जहां आसमान में उड़ते ड्रोन और मिसाइलें अब खबर नहीं बल्कि रोज़मर्रा की हकीकत बन चुकी हैं. लेकिन इस बार धमाका सिर्फ युद्ध के मैदान में नहीं हुआ.
धमाका हुआ राजनयिक इलाके के दिल में. बगदाद के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में स्थित अमेरिकी दूतावास अचानक धुएं के बादल में घिर गया. और दुनिया ने देखा कि जिसे ‘सुरक्षित किला’ कहा जाता था, वहां तक भी मिसाइल पहुंच गई.
खर्ग आइलैंड हमले के बाद ईरान का जवाब
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका ने ईरान के ऑयल एक्सपोर्ट हब खर्ग आइलैंड पर बमबारी की. यह द्वीप ईरान की तेल अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है. हमले के बाद तेहरान ने ज्यादा इंतजार नहीं किया.
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया. इराकी अधिकारियों के अनुसार, ईरानी मिसाइल सीधे दूतावास परिसर में बने हेलिपैड पर गिरी, जिससे वह पूरी तरह तबाह हो गया.
ग्रीन जोन में धमाका
अमेरिकी दूतावास बगदाद के उस इलाके में स्थित है जिसे ग्रीन जोन कहा जाता है. यह इलाका इतना सुरक्षित माना जाता है कि यहां तक पहुंचना भी आम नागरिक के लिए आसान नहीं. लेकिन मिसाइल ने सुरक्षा की उस परत को चीर दिया.
हमले के बाद दूतावास परिसर से काला धुआं उठता हुआ देखा गया और पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई. कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिनमें दूतावास परिसर से धुएं का गुबार उठता दिख रहा है.
रडार सिस्टम पर ड्रोन हमला
मिसाइल हमले के साथ ही दूतावास में लगे रडार सिस्टम पर ड्रोन अटैक की भी खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में रडार को नुकसान पहुंचा है.
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम को जल्द ही रिकवर कर लिया जाएगा. इस बीच अमेरिकी मरीन कॉर्प्स कमांडो और इराकी पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है.

अमेरिका की आधिकारिक प्रतिक्रिया
अब तक अमेरिका ने किसी बड़े मानवीय नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. यह हमला प्रतीकात्मक रूप से बेहद बड़ा है. क्योंकि यह हमला सीधे उस परिसर पर हुआ है जिसे अमेरिका का सबसे सुरक्षित राजनयिक ठिकाना माना जाता है.
ट्रंप के लिए खुली चुनौती?
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर समेत 10 अधिकारियों पर इनाम घोषित किया था. इसी बीच इराकी इस्लामिक रेजिस्टेंस ने भी अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के खिलाफ इनाम की घोषणा की. बगदाद में दूतावास पर हमला अमेरिकी नेतृत्व को सीधी चुनौती है.
विशेषज्ञों की राय
गल्फ मामलों के विशेषज्ञ हुसैन अफसर कहते हैं, “मिडिल ईस्ट की जंग में अब सिर्फ सैन्य ठिकाने नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतीक भी निशाने पर हैं. दूतावास पर हमला उसी रणनीति का हिस्सा है.”
वहीं सुरक्षा मामलों पर टिप्पणी करते हुए रिटायर्ड एसपी परेश पाण्डेय कहते हैं, “किसी भी देश के दूतावास पर हमला सिर्फ सुरक्षा की सेंध नहीं होता. यह एक राजनीतिक संदेश होता है कि युद्ध अब कूटनीतिक सीमाओं को भी पार कर चुका है.”
युद्ध का नया चरण
मिडिल ईस्ट की इस जंग ने एक बार फिर साबित किया है कि आधुनिक युद्ध की सीमाएं लगातार बदल रही हैं. जहां पहले लड़ाई सीमाओं पर होती थी, अब मिसाइलें राजनयिक परिसरों तक पहुंच रही हैं. और यही वजह है कि बगदाद की यह घटना सिर्फ एक हमला नहीं बल्कि एक संकेत है.
संकेत इस बात का कि यह जंग अभी लंबी चल सकती है.
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