
ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर के बाद क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps यानी IRGC ने चेतावनी दी है कि वह “इतिहास का सबसे भीषण और विनाशकारी सैन्य अभियान” शुरू करने की तैयारी में है।
ईरानी एजेंसी Fars News Agency के मुताबिक, IRGC ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नेता की मौत पर चुप नहीं बैठेगा। बयान में कहा गया है कि संभावित कार्रवाई का सीधा निशाना मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने और इजरायली प्रतिष्ठान हो सकते हैं।
Leadership Vacuum And Heavy Losses
हमले में केवल खामेनेई ही नहीं, बल्कि सुरक्षा ढांचे के शीर्ष चेहरे भी मारे गए। इनमें IRGC के कमांडर इन चीफ मोहम्मद पाकपुर और वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी का नाम शामिल बताया जा रहा है। सरकारी मीडिया के अनुसार, खामेनेई के परिवार के कई सदस्य भी इस हमले में मारे गए।
Mourning In Tehran, Warning On Air
तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर पर हजारों लोग शोक व्यक्त करने के लिए जुटे। पड़ोसी देश Iraq ने भी तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।इस बीच ईरान के सरकारी चैनल Press TV पर लाइव प्रसारण के दौरान एंकर भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि “हमले का बदला लिया जाएगा।”
भावनाएं सड़कों पर हैं, और बयानबाजी सीमाओं के पार गूंज रही है।

Middle East On The Edge
IRGC के ताजा बयान ने Middle East को एक संभावित बड़े टकराव के मुहाने पर ला खड़ा किया है। अगर अमेरिकी ठिकानों या इजरायली संस्थानों पर हमला होता है, तो जवाबी कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है। यह सिर्फ retaliation नहीं, बल्कि regional power equation को फिर से परिभाषित करने की कोशिश भी हो सकती है।
जब इतिहास के पन्नों पर स्याही की जगह बारूद की गंध आने लगे, तो दुनिया सांस रोक लेती है। बयान ऐसे दिए जा रहे हैं मानो युद्ध की घड़ी दीवार पर टंगी हो और सेकंड की सुई तेज भाग रही हो। पर असली सवाल वही है क्या यह गुस्से की आग सीमित दायरे में रहेगी, या पूरा इलाका इसकी तपिश महसूस करेगा?
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