26/11 आरोपी Tahawwur Rana की Citizenship रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

अजमल शाह
अजमल शाह

प्रधानमंत्री Mark Carney के प्रस्तावित भारत दौरे से ठीक पहले कनाडा ने एक अहम कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 26/11 मुंबई हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा की कनाडाई नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस फैसले को India–Canada relations के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब दोनों देशों के रिश्ते हाल के वर्षों में उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं।

कौन है Tahawwur Rana?

64 वर्षीय राणा पाकिस्तान में जन्मा और बाद में कनाडाई नागरिक बना। वह 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मामले में आरोपी है।

उसका नाम अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली (उर्फ दाऊद गिलानी) के करीबी सहयोगी के रूप में सामने आया था। 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए हमलों में 160 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। यह हमला पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बताया गया था।

अमेरिका से प्रत्यर्पण, अब भारत में ट्रायल

राणा को अप्रैल 2025 में अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। नई दिल्ली पहुंचने पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे हिरासत में ले लिया। फिलहाल वह 26/11 मामले में मुकदमे का इंतजार कर रहा है।

Citizenship क्यों रद्द?

कनाडा के Immigration, Refugees and Citizenship Canada (IRCC) के अनुसार, नागरिकता आतंकवाद के आरोपों के आधार पर नहीं बल्कि कथित “misrepresentation” यानी आवेदन में झूठी जानकारी देने के कारण रद्द की जा रही है।

बताया गया है कि 2000 में नागरिकता आवेदन के दौरान राणा ने दावा किया था कि वह कनाडा में ही निवास कर रहा था और देश से केवल छह दिनों के लिए बाहर गया था।

लेकिन जांच में सामने आया कि वह अधिकांश समय शिकागो में रहा, जहां उसके बिजनेस और संपत्तियां थीं। विभाग ने इसे “serious and deliberate deception” बताया है।

मामला Federal Court में

31 मई 2024 को IRCC द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया कि गलत जानकारी के कारण नागरिकता दी गई। अब यह मामला कनाडा की फेडरल कोर्ट में है, जो तय करेगी कि नागरिकता धोखे से प्राप्त की गई थी या नहीं। राणा के वकीलों ने इस फैसले को चुनौती दी है और इसे अधिकारों का उल्लंघन बताया है।

Diplomatic Timing या Legal Process?

क्या यह महज एक कानूनी प्रक्रिया है जो अपने समय पर चल रही है, या फिर India visit से पहले एक diplomatic messaging भी? अंतरराष्ट्रीय राजनीति में timing अक्सर narrative बनाती है।

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