
देश की सुरक्षा एजेंसियां इस वक्त Full Action Mode में हैं। खुफिया इनपुट के बाद जम्मू-कश्मीर और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को Multi-Layer Shield में बदल दिया गया है।
राजधानी दिल्ली के लाल किला और चांदनी चौक को संभावित निशाने के रूप में चिन्हित किया गया है, वहीं जम्मू-कश्मीर में मां वैष्णो देवी भवन की सुरक्षा अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दी गई है।
Katra से Bhawan तक – “Zero Tolerance Security”
कटरा शहर इस समय High Surveillance Zone में तब्दील हो चुका है। Entry Gate से लेकर भवन तक सेना, पुलिस और CRPF के जवान तैनात हैं।
CCTV Network को Integrated Command & Control Center से 24×7 मॉनिटर किया जा रहा है। हर श्रद्धालु, हर वाहन और यहां तक कि घोड़ा, पिट्ठू और पालकी सेवा से जुड़े लोगों की भी सघन जांच हो रही है।
सुरक्षा अधिकारियों को साफ निर्देश है – “कोताही बिल्कुल नहीं।”
Target: आस्था और इतिहास?
होली से पहले राजधानी दिल्ली में अलर्ट जारी किया गया है। सूत्रों के अनुसार, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
इतिहास के प्रतीक लाल किला और भीड़भाड़ वाले चांदनी चौक को लेकर विशेष चौकसी बरती जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंकी अक्सर त्योहारों और भीड़भाड़ के मौकों को Soft Target के रूप में चुनते हैं, लेकिन इस बार सुरक्षा व्यवस्था Iron Wall Mode में है।
“दुश्मन की हिम्मत या हमारी तैयारी?”
सवाल उठता है, क्या आतंकी संगठनों की ये हरकतें सिर्फ दहशत फैलाने की कोशिश हैं? या फिर ये भारत की सुरक्षा चौकसी को परखने की रणनीति?
एक तरफ पाकिस्तान की धरती से संचालित नेटवर्क, दूसरी तरफ भारत की मजबूत सुरक्षा ग्रिड। मैसेज साफ है: अब 2019 वाला भारत नहीं है।
Security Agencies in Action
- Quick Response Teams हाई अलर्ट पर
- Multi-layer checking system
- Intelligence coordination strengthened
- Sensitive zones में armed patrol
सेना और प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है श्रद्धालुओं की यात्रा Fear-Free और Safe बनाना।
“जाति मेरे जूते की नाप है, दिमाग की नहीं” – युवाओं के लिए नया मंत्र
