
पहाड़ों की ठंडी हवा अब थोड़ी महंगी पड़ सकती है। Himachal Pradesh सरकार ने एंट्री फीस में करीब ढाई गुना बढ़ोतरी का फैसला किया है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रदेश के सभी 55 एंट्री बैरियर पर लागू होंगी।
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu की अगुवाई वाली सरकार ने यह कदम राज्य का राजस्व बढ़ाने के लिए उठाया है।
किन वाहनों पर कितना असर?
नई दरों के मुताबिक,
- बाहरी राज्यों के हल्के वाहन: ₹70 से बढ़कर ₹170
- 13-सीटर वाहन: ₹110 से बढ़कर ₹170
- भारी वाहन: ₹720 से बढ़कर ₹900
- JCB व निर्माण सामग्री वाहन: ₹570 से बढ़कर ₹800
- ट्रैक्टर: ₹70 से ₹100
- डबल एक्सल बस/ट्रक: ₹570 (यथावत)
ध्यान रहे, हिमाचल में रजिस्टर्ड वाहनों को छूट मिलेगी। असर मुख्य रूप से बाहरी राज्यों के कमर्शियल और टूरिस्ट वाहनों पर पड़ेगा।
टूरिज्म और व्यापार पर क्या होगा असर?
हर दिन हजारों कमर्शियल व्हीकल और पर्यटक हिमाचल में प्रवेश करते हैं। ऐसे में नई एंट्री फीस का सीधा असर ट्रांसपोर्ट कॉस्ट और टूर पैकेज की कीमतों पर पड़ सकता है।
“पहाड़ तो वही रहेंगे, लेकिन पहुंचने की कीमत बदल जाएगी।”

55 एंट्री बैरियर पर लागू होंगी नई दरें
राज्य के प्रमुख एंट्री पॉइंट जैसे गोविंदघाट (सिरमौर), कंडवाल (नूरपुर), मैहतपुर (ऊना), बद्दी, परवाणू और गरामोड़ा (बिलासपुर) पर सबसे ज्यादा कमर्शियल ट्रैफिक दर्ज होता है।
सरकार इन बैरियर पर FASTag सिस्टम लागू करने की तैयारी में है, ताकि भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सके।
एंट्री बैरियर की नीलामी अब उपायुक्त (DC) की अध्यक्षता वाली समिति करेगी, जिसमें आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे।
फैसला राजस्व का, बहस असर की
सरकार का तर्क साफ है राजस्व बढ़ेगा तो विकास कार्यों को गति मिलेगी। लेकिन पर्यटन उद्योग के जानकार पूछ रहे हैं क्या बढ़ी हुई फीस से पर्यटक दूसरे विकल्प नहीं चुनेंगे? पहाड़ बुला रहे हैं… पर अब टोल भी बुला रहा है।
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