गोरखपुर में बजेगा इंटरनेशनल क्रिकेट का बिगुल, ₹392 करोड़ का सपना

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी खबर है। Gorakhpur में प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण को नया Financial Boost मिला है। Indian Oil Corporation Limited ने CSR के तहत ₹60 करोड़ के सहयोग की घोषणा की है।

यह समझौता उत्तर प्रदेश सरकार और इंडियन ऑयल के बीच एमओयू के रूप में हुआ, जिसकी मौजूदगी में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath उपस्थित रहे।

392.94 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट, Target December 2027

करीब ₹392.94 करोड़ की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम 30,000 दर्शकों की क्षमता वाला होगा। इसे पूर्णत: International Standards के अनुरूप विकसित किया जाएगा जिसमें High-tech Pitch, Practice Arena, Floodlights, Modern Dressing Rooms और Media Center शामिल होंगे।

सरकार का लक्ष्य इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का है। यानि गोरखपुर की शामें अब सिर्फ लोकल मैच नहीं, इंटरनेशनल चीयर से भी गूंज सकती हैं।

Sports Tourism + Investment = New Growth Engine?

मुख्यमंत्री का कहना है कि यह स्टेडियम केवल Sports Infrastructure नहीं, बल्कि Economic Multiplier भी बनेगा। Sports Tourism, Local Investment और Employment Opportunities को इससे नई रफ्तार मिल सकती है।

Public-Private Partnership (PPP) का यह मॉडल विकास की पिच पर नया Experiment माना जा रहा है।

Khelo India से Mega Vision तक

मुख्यमंत्री ने Narendra Modi द्वारा शुरू किए गए Khelo India और Fit India Movement का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में Sports Culture को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।

मेरठ में Major Dhyan Chand Sports University का निर्माण जारी है, जबकि वाराणसी में भी एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

CSR से Stadium तक: इंडियन ऑयल की भूमिका

इंडियन ऑयल के चेयरमैन Arvinder Sahney ने इसे समूह के लिए “गर्व का विषय” बताया और राज्य के विकास में निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Girish Chandra Yadav भी मौजूद रहे।

पिच पर Politics या Progress?

Cricket हमारे देश में सिर्फ खेल नहीं, Emotion है। लेकिन हर Mega Project के साथ एक सवाल भी आता है क्या यह स्टेडियम Talent को Global Stage देगा या सिर्फ Ribbon Cutting तक सीमित रहेगा?

हालांकि अगर Execution Timeline और Infrastructure Quality पर Focus रहा, तो गोरखपुर सच में Eastern UP का Sports Hub बन सकता है।

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