UAE vs Saudi Arabia: क्या इस साल अलग-अलग शुरू होगा रमजान?

Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

खाड़ी क्षेत्र के दो प्रभावशाली पड़ोसी देश संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब इस साल रमजान की शुरुआत को लेकर अलग-अलग तारीखें घोषित कर सकते हैं।

UAE के शीर्ष खगोलविदों का कहना है कि 17 फरवरी को चांद दिखना संभव नहीं होगा। वहीं, Saudi Arabia उसी दिन चांद दिखने का ऐलान कर सकता है।

Science vs Tradition?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, UAE इस बार astronomical calculation को प्राथमिकता दे सकता है। वर्षों से Saudi Arabia पर यह आरोप लगता रहा है कि कुछ मौकों पर चांद दिखने के दावों को वैज्ञानिक समुदाय ने चुनौती दी है।

हालांकि Saudi अधिकारियों ने इन आलोचनाओं को कभी सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया।

Regional Context

Gulf politics में हाल के महीनों में subtle tensions देखे गए हैं। Energy policy, regional diplomacy और economic competition जैसे मुद्दों पर UAE और Saudi Arabia के रिश्ते पहले जैसे सहज नहीं रहे।

Experts मानते हैं कि रमजान की तारीख का मतभेद केवल धार्मिक कैलेंडर का मामला नहीं, बल्कि symbolic autonomy का संकेत भी हो सकता है।

Islamic Calendar Dynamics

रमजान की शुरुआत traditionally चांद दिखने पर निर्भर करती है। कुछ देश स्थानीय moon sighting मानते हैं, जबकि कुछ regional या astronomical calculations अपनाते हैं।

ऐसे में एक ही भौगोलिक क्षेत्र में अलग तारीखें होना असामान्य तो है, लेकिन अभूतपूर्व नहीं।

एक ही आसमान, लेकिन नजरें अलग-अलग। चांद तो वही रहेगा, पर calendar शायद अलग बोले। कभी-कभी geopolitics, gravity से भी भारी पड़ जाती है।

यदि दोनों देशों में रमजान अलग दिन शुरू होता है, तो यह Gulf unity narrative पर symbolic असर डाल सकता है। हालांकि धार्मिक निर्णयों को लेकर हर देश का अपना sovereign framework होता है और अंतिम घोषणा आधिकारिक धार्मिक प्राधिकरण ही करेंगे।

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