Ukraine के पूर्व मंत्री की ‘Exit Plan’ पर NABU का ब्रेक

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

यूक्रेन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एक बड़ा नाम सामने आया है। यूक्रेन के पूर्व ऊर्जा मंत्री German Galushchenko को देश छोड़ने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया।

यूक्रेन की एंटी-करप्शन एजेंसी National Anti-Corruption Bureau of Ukraine (NABU) के मुताबिक, उनके जासूसों ने रविवार को स्टेट बॉर्डर पार करते समय उन्हें रोक लिया।

नाम पर सस्पेंस, मीडिया में खुलासा

हालांकि अधिकारियों ने औपचारिक रूप से नाम की पुष्टि नहीं की, लेकिन यूक्रेनी मीडिया रिपोर्ट्स में पकड़े गए व्यक्ति की पहचान पूर्व ऊर्जा मंत्री के रूप में की गई है।

Political corridors में सवाल उठ रहे हैं क्या यह सिर्फ एक “routine investigation” है या बड़ा energy-sector scandal?

आरोप क्या हैं?

जांच एजेंसियों का दावा है कि ऊर्जा सेक्टर में अवैध वित्तीय लेनदेन में कथित भूमिका। कॉन्ट्रैक्टरों से 10–15% तक रिश्वत की मांग। कथित रूप से धन को लॉन्ड्रिंग कर विदेश भेजने का आरोप। इन आरोपों में तैमूल मिंडिच नामक कारोबारी का भी जिक्र सामने आया है।

हालांकि, आधिकारिक स्तर पर आरोपों की पूरी पुष्टि और अदालत में पेशी के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

Political Shockwave या Accountability Moment?

यूक्रेन लंबे समय से भ्रष्टाचार विरोधी सुधारों पर काम कर रहा है, खासकर अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के दबाव और युद्धकालीन फंडिंग के पारदर्शी उपयोग को लेकर। यह मामला सिर्फ एक पूर्व मंत्री तक सीमित नहीं, बल्कि Ukraine की governance credibility पर भी सवाल खड़ा करता है।

“Energy sector में करंट ज्यादा हो तो political circuit भी ट्रिप कर जाता है।” Global investors और diplomatic observers इस केस पर नज़र बनाए हुए हैं।

फिलहाल मामला जांच के दायरे में है। अदालत और एजेंसियों की आधिकारिक प्रक्रिया के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी। लेकिन इतना तय है — Ukraine में anti-corruption drive अब सिर्फ बयान नहीं, कार्रवाई के मोड में है।

Related posts

Leave a Comment