
श्रीअयोध्या धाम अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि cultural storytelling hub बनने की दिशा में एक और कदम बढ़ा चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माता सीता के जीवन-चरित पर आधारित ‘वैदेही आर्ट गैलरी’ स्थापित करने के निर्देश देकर साफ कर दिया है कि heritage को अब static नहीं, immersive बनाना है।
यह फैसला आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में लिया गया, लेकिन संदेश सीधा नई पीढ़ी के लिए था—
संस्कृति सिर्फ पढ़ने की चीज़ नहीं, महसूस करने की चीज़ है।
Vaidehi Art Gallery: Museum नहीं, Experience होगा
CM Yogi की सोच यहां conventional museum से एक कदम आगे जाती दिखती है। उनके मुताबिक, यह गैलरी सिर्फ paintings और sculptures की दीवार नहीं होगी, बल्कि Sita Mata के जीवन का live narration होगी—modern tech के ज़रिए।
त्याग, करुणा, मर्यादा, धैर्य और inner strength… ये सब किताबों में नहीं, बल्कि visuals, soundscapes और interactive storytelling के जरिए सामने आएंगे। मतलब visitor सिर्फ देखेगा नहीं, connect करेगा।
Sita Mata: Icon नहीं, Ideology के रूप में
मुख्यमंत्री का साफ कहना है कि सीता मइया को देवी के pedestal तक सीमित करना उनके चरित्र के साथ injustice है। वैदेही आर्ट गैलरी का core idea यही रहेगा कि Sita Mata को role model नहीं, moral compass की तरह पेश किया जाए।
आज के fast-scroll generation के लिए यह एक soft reminder होगा कि strength सिर्फ loud होने में नहीं, steadfast रहने में भी होती है।
Location Game Strong: Ram Mandir के पास बनेगी गैलरी
Project के लिए जो location चुनी जा रही है, वो भी strategy से भरी है। Ram Janmabhoomi मंदिर के निकट, Vashishtha Bhawan परिसर—जहां रोज़ लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
साफ है, सरकार चाहती है कि pilgrimage के साथ-साथ cultural pause भी मिले।

Ayodhya को global cultural city बनाने की योजना में यह गैलरी एक strong anchor point बन सकती है।
Mithila Culture को मिलेगा National Spotlight
एक अहम निर्देश ये भी है कि गैलरी में Mithila की लोकपरंपरा, folk art, motifs और cultural expressions को प्रमुखता दी जाए। यानि Sita Mata की कहानी सिर्फ Ayodhya तक सीमित नहीं रहेगी, उसकी जड़ें Mithila तक visible होंगी।
Symbolism साफ है संस्कृति boundaries नहीं मानती।
जब विरासत को Wi-Fi मिल जाए
अब तक heritage मतलब dusty boards और silent halls होता था। लेकिन Vaidehi Art Gallery शायद पहली ऐसी जगह होगी जहां
इतिहास बोलेगा, visuals सांस लेंगे और values quietly सवाल पूछेंगी “तुम modern हो, लेकिन क्या grounded भी हो?”
Vaidehi Art Gallery सिर्फ एक project नहीं, narrative shift है।
जहां सीता माता को पूजा से निकालकर conversation में लाया जाएगा। और शायद यही आज की सबसे बड़ी जरूरत भी है।
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