
केंद्रीय बजट को लेकर सियासी बयानबाज़ी के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक साफ और सधा हुआ संदेश दिया। उन्होंने रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपए के प्रावधान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताते हुए इसे जन-अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाला बजट बताया।
Modi Vision + Sitharaman Numbers = Defence Power
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में तैयार और वित्त मंत्री द्वारा पेश यह बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि Atmanirbhar Bharat और Viksit Bharat के रोडमैप का मजबूत chapter है।
साफ शब्दों में—ये बजट PowerPoint नहीं, Power Projection है।
7.85 लाख करोड़: सिर्फ खर्च नहीं, रणनीतिक निवेश
रक्षा मंत्री ने खास तौर पर कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की ऐतिहासिक सफलता के बाद आया यह बजट देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूती देता है।
यह रकम सिर्फ हथियार खरीदने के लिए नहीं, बल्कि deterrence + dominance की तैयारी है—पड़ोसी भी समझें, दुनिया भी।
सेनाओं का Modernisation: असली Big Picture
इस बजट में सेनाओं के कुल पूंजीगत व्यय के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपए रखे गए हैं। सबसे अहम बात—तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 1.85 लाख करोड़ रुपए, जो पिछले साल से करीब 24% ज्यादा है। मतलब साफ है: अब “Made in India” सिर्फ टैगलाइन नहीं, defence doctrine है।

Ex-Servicemen भी एजेंडे में Top पर
राजनाथ सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को इस बजट में खास तवज्जो दी गई है। पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना के लिए 12,100 करोड़ रुपए—लगभग 45% की बढ़ोतरी। यानी, जो सीमा पर खड़े रहे, उन्हें सिस्टम में लाइन में नहीं खड़ा किया जाएगा।
Security + Development + Self-Reliance
रक्षा मंत्री के मुताबिक यह बजट सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के बीच संतुलन बनाता है।
“ये बजट सिर्फ तलवार तेज नहीं करता, ढाल भी मजबूत करता है।”
