
देश में UGC को लेकर बहस चल ही रही थी कि तभी अयोध्या के एक बाबा जी ने ऐसा ज्ञान-विस्फोट किया कि WhatsApp यूनिवर्सिटी में नया सेमेस्टर शुरू हो गया।
बाबा जी के अनुसार, मोदी जी धीरे-धीरे World Guru बनने वाले थे, लेकिन ये बात अमेरिका के राष्ट्रपति टीरम्पावा को बिल्कुल रास नहीं आई। फिर क्या था— सीधे वशीकरण!
ना व्हाइट हाउस की मीटिंग, ना G20 का एजेंडा सीधा तंत्र-मंत्र डिप्लोमेसी।
बाबा जी की थ्योरी क्या है?
बाबा जी पूरे दम और confidence के साथ बताते हैं कि अमेरिका को लगा भारत ज़्यादा ज्ञान बाँटने लगा है। World Guru बनने से पहले ही “ऊर्जा असंतुलन” हो गया। ट्रंप ने तुरंत “आध्यात्मिक कूटनीति” अपनाई। और मोदी जी हो गए… वशीभूत
इसके बाद ही— UGC वाला खेला कर दिए गए।
नियम क्या हैं, कैसे बने—इन सवालों को बाबा जी ने irrelevant घोषित कर दिया है।
UGC, तंत्र और तर्क का त्रिकोण
बाबा जी के हिसाब से:

- पॉलिसी = प्लानिंग जीरो
- कमेटी = कागज़ी ड्रामा जीरो
- तंत्र-मंत्र = असली कारण
यानि जो लोग सालों से शिक्षा नीति, आयोग और कोर्ट की बात कर रहे थे, उन्हें अब अगरबत्ती और नींबू-मिर्ची सेक्शन में भेजा जा सकता है।
“World Guru syllabus में अब मंत्र विद्या भी जोड़ी जाए” वशीकरण NAAC से approved था या नहीं?”
व्यंग्य का असली मतलब
हंसी मज़ाक अपनी जगह, लेकिन ये वीडियो दिखाता है कि किसी भी गंभीर मुद्दे को रहस्य, डर और चमत्कार में बदल देना कितना आसान हो गया है।
जब तर्क थक जाता है, तब बाबा जी explain करने आ जाते हैं।
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