‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का खौफ! मिसाइल लेने चीन भागा पाकिस्तान, PAF हाई अलर्ट मोड में

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

पाकिस्तान एक बार फिर भारतीय सैन्य शक्ति को लेकर असहज और चिंतित नजर आ रहा है। हालिया घटनाक्रमों के बीच यह संकेत और मजबूत हो गया है कि इस्लामाबाद को भारत की ओर से किसी बड़े रणनीतिक कदम की आशंका सता रही है। इसी पृष्ठभूमि में पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) का एक IL-78 सैन्य विमान चीन रवाना होना कई सवाल खड़े कर रहा है।

चीन की ओर क्यों देखा पाकिस्तान ने?

सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर के निर्देश पर लिया गया। माना जा रहा है कि यह विमान चीन से मिसाइल सिस्टम, गोला-बारूद और अन्य सैन्य उपकरण लाने के लिए भेजा गया है। पाकिस्तान के लिए चीन लंबे समय से एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार रहा है, खासकर तब जब उसे भारत के मुकाबले अपनी सैन्य तैयारियों को तेज करना हो।

‘Operation Sindoor 2.0’ का साया?

डिफेंस एनालिस्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान के इस कदम के पीछे भारत के कथित Operation Sindoor 2.0 को लेकर फैला डर भी एक अहम वजह हो सकता है। हाल के महीनों में भारत ने जिस तरह से अपनी सैन्य और कूटनीतिक स्थिति को मजबूत किया है, उससे पाकिस्तान खुद को strategically vulnerable महसूस कर रहा है। इसी कारण वह किसी भी संभावित स्थिति से पहले अपनी सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

IL-78 सिर्फ टैंकर नहीं, रणनीतिक हथियार भी

आमतौर पर IL-78 विमान को air-to-air refuelling के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर यह भारी सैन्य सामान की ढुलाई में भी सक्षम है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे विमान का चीन भेजा जाना इस ओर इशारा करता है कि पाकिस्तान short-term military preparedness को तेजी से बढ़ाना चाहता है।

चीन-पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि China-Pakistan military cooperation अब भी सक्रिय और मजबूत है। जहां पाकिस्तान चीन से हथियार और तकनीक हासिल कर रहा है, वहीं भारत अपनी रणनीति को आत्मनिर्भर रक्षा नीति और वैश्विक साझेदारियों के जरिए आगे बढ़ा रहा है। यही अंतर दोनों देशों की सोच और दिशा को अलग-अलग रास्तों पर ले जाता है।

क्षेत्रीय शांति पर बढ़ती चिंता

हालांकि भारत की ओर से किसी भी सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पाकिस्तान की यह हड़बड़ी South Asia में बढ़ते तनाव की ओर इशारा जरूर करती है। जानकारों का मानना है कि हथियारों की इस तरह की दौड़ से अस्थायी सुरक्षा का भ्रम तो पैदा हो सकता है, लेकिन इससे क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा बढ़ता है।

डर से तैयारी तक की कहानी

कुल मिलाकर, पाकिस्तान का चीन की ओर रुख करना उसकी उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें डर के जवाब में हथियार और दबाव के जवाब में बाहरी सहारा तलाशा जाता है। सवाल यही है कि क्या बार-बार ऐसा करने से पाकिस्तान वास्तव में सुरक्षित हो पाएगा, या यह उसकी आंतरिक असुरक्षा को और उजागर करता रहेगा।

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