
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में 3 बजे तक वोटिंग का डेटा पहुंचा 53.77 प्रतिशत, और हमेशा की तरह, बिहार ने फिर साबित कर दिया — “हमारे यहां चुनाव नहीं, उत्सव होता है — थोड़ा शोर, थोड़ा जोर, और थोड़ा पथराव ज़रूर!”
लखीसराय में पथराव और बुलडोज़र बयानबाज़ी
लखीसराय में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की गाड़ी पर पथराव और कीचड़ फेंका गया। सिन्हा ने आरोप लगाया कि ये काम “राजद के गुंडों” का था। उन्होंने कहा —
“सत्ता में आने से पहले ही गुंडागर्दी शुरू हो गई, अब बुलडोज़र चलाना पड़ेगा।”
चुनाव आयोग तक मामला पहुंच चुका है।
बाहुबली बनाम बाहुबली — मोकामा में सियासी ड्यूल
मोकामा की सीट फिर हॉट बन गई है। एक ओर जेल में बंद बाहुबली अनंत सिंह, दूसरी ओर सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी।
मोकामा में वोटर बोल रहे हैं — “यहां वोट नहीं, दबदबे की परीक्षा होती है।”
RJD के ओसामा शहाब बने सियासी स्टार
दिवंगत शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब रघुनाथपुर से आरजेडी टिकट पर मैदान में हैं। उनकी रैलियों में पुराने ‘सिवान वाले जोश’ की झलक दिखी। वोटर कहते हैं — “नाम ओसामा का है, लेकिन फोकस सिर्फ विकास पर है।”
मैथिली ठाकुर का नया मंच — इलेक्शन वाला!
लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर अब ‘चुनावी सुर’ छेड़ रही हैं। अलीनगर से बीजेपी उम्मीदवार बनीं मैथिली ने कहा — “अब विकास गीत गाऊंगी।”
उनकी सभाओं में हारमोनियम और होर्डिंग साथ-साथ चल रहे हैं।

नेताओं की बयानबाज़ी से गरमाया माहौल
- योगी आदित्यनाथ बोले — “जो राम का नहीं, वह हमारे किसी काम का नहीं।”
- राहुल गांधी ने कहा — “भाजपा वोट चोरी कर रही है।”
- नीतीश कुमार बोले — “2005 से पहले लोग शाम ढलते ही घरों में छिप जाते थे।”
- प्रियंका गांधी ने चेताया — “अगर फ्री एंड फेयर चुनाव हुए, तो NDA साफ़ हो जाएगी।”
- अमित शाह बोले — “ठगबंधन आया तो बिहार मिनी चंबल बन जाएगा।”
मतलब — नेताओं के बयानों ने बिहार की ठंडक को भी चुनावी गर्मी में बदल दिया है!
मतदान डेटा — गोपालगंज टॉप, मुजफ्फरपुर स्लो
दोपहर 1 बजे तक बिहार में 42.31% वोटिंग दर्ज की गई। सबसे ज्यादा मतदान गोपालगंज, जबकि सबसे कम मुजफ्फरपुर में हुआ।
चुनाव आयोग का कहना है — “EVM गरम नहीं हुई, जनता गरम है!”
सेलेब्रिटी वोटर्स का जलवा
भोजपुरी स्टार्स पवन सिंह और खेसारी लाल यादव ने भी वोट डाला।
पवन बोले — “पहले मतदान, फिर जलपान।”
जबकि खेसारी बोले — “किसी को भी चुनिए, पर वोट ज़रूर डालिए।”
इसी बीच रिपोर्ट आई कि कुछ गांवों में “रोड नहीं तो वोट नहीं” का नारा गूंजा — मतलब, जनता अब सच में डिलीवरी बेस्ड पॉलिटिक्स चाहती है।
पहले चरण में बिहार ने बता दिया — “यहां चुनाव में सिर्फ वोट नहीं पड़ते, डायलॉग और ड्रामा भी चलता है।” अब सबकी नज़रें 11 नवंबर पर — जब दूसरे चरण का मतदान तय करेगा कि ‘कौन बनेगा बिहार का सिकंदर!’
शाह बोले – “लालू-राबड़ी का बेटा सीएम नहीं बनेगा, सोनिया का पीएम नहीं!”
