
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के सहरसा से अपने तीखे हमलों का तीर राजद और कांग्रेस पर चलाया। PM ने कहा — “एनडीए की पहचान विकास से है, जबकि राजद-कांग्रेस की पहचान विनाश से है!”
जमीन पर मौजूद भीड़ ने तालियों से माहौल और गरमा दिया।
कोसी महासेतु का जिक्र – ‘विकास रोका, बिहार को धोखा’
मोदी ने कहा कि कोसी महासेतु रेल पुल का शिलान्यास 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था, लेकिन राजद-कांग्रेस की सरकार ने इसे सालों तक अधर में लटकाए रखा।
उन्होंने कहा — “राजद के लोगों ने दिल्ली में कांग्रेस के साथ मिलकर बिहार से बदला लिया। बिहार के विकास के सारे प्रोजेक्ट्स पर ताले जड़ दिए!”
मोदी ने कहा, “उन लोगों का पारा सातवें आसमान पर था, और उनका अहंकार बिहार को बर्बाद करने पर उतारू था।”
‘राजद-कांग्रेस का बदले का DNA’ बनाम ‘एनडीए का विकास DNA’
मोदी ने कहा कि राजद-कांग्रेस की “बदले की राजनीति” ने बिहार के लोगों को दशकों तक भुगतने पर मजबूर किया। “एक वक्त था जब कोसी पार जाने के लिए 300 किलोमीटर घूमना पड़ता था, अब वो सफर 30 किलोमीटर से भी कम रह गया है — ये फर्क एनडीए लाया है!”
उन्होंने बताया कि 2014 में सत्ता में आने के बाद उन्होंने फाइलें फिर से खोलीं और तेज़ी से काम शुरू करवाया। 2020 में एनडीए सरकार ने कोसी महासेतु बिहार को समर्पित किया।

‘बदला देने का वक्त जनता के हाथ में!’
पीएम मोदी ने कहा — “जिन्होंने बिहार को नुकसान पहुंचाया, अब जनता उन्हें सजा देगी। इस बार चुनाव में सजा का फैसला मतपेटी करेगी।”
उन्होंने लोगों से NDA प्रत्याशियों के पक्ष में वोट देने की अपील की और कहा — “6 नवंबर को आपका वोट सिर्फ एक बटन नहीं, बिहार के भविष्य की दिशा तय करेगा!”
सहरसा की भीड़ में जब मोदी ने कहा, “राजद-कांग्रेस विनाश का प्रतीक हैं,” तो भीड़ से आवाज़ आई — “तो फिर Wi-Fi का पासवर्ड क्या है मोदी जी?” PM मुस्कुराए और बोले — “पहले वोट डालो, फिर मिलेगा ‘Vikas@2025’!”
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