कुलगाम के जंगल में ‘छुपा रुस्तम’, पर सेना ने कर दिया सिस्टम क्लियर!

हुसैन अफसर
हुसैन अफसर

सोमवार सुबह जैसे ही जम्मू-कश्मीर के कुलगाम ज़िले के गुड्डर जंगल में संदिग्ध हलचल की सूचना मिली, वैसे ही भारतीय सेना, CRPF, और J&K पुलिस ने एक्शन मोड में आकर संयुक्त सर्च ऑपरेशन छेड़ दिया।

“ये कोई PUBG या Free Fire नहीं था, यहां असली जान का खतरा था और असली गोलियां चल रही थीं।”

“तुमको देखा तो फायरिंग आ गई…”

जवानों ने जैसे ही संदिग्ध गतिविधियों को नोटिस किया, आतंकियों को चैलेंज किया गया। मगर जवाब में बुलेट्स की बारिश शुरू हो गई।

चिनार कोर के एक्स (पूर्व Twitter) पर जारी बयान के अनुसार:

“जवानों ने संदिग्ध हलचल देखी और उन्हें चुनौती देने पर आतंकियों ने फ़ायरिंग शुरू कर दी।”

मुठभेड़ में एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) घायल हो गए।

एक के बाद एक, दोनों आतंकी मारे गए

पहले दौर की फायरिंग में एक आतंकी ढेर हुआ। थोड़ी देर बाद ही सेना ने कन्फर्म किया कि दूसरा आतंकी भी मार गिराया गया है।

बयान में कहा गया:

“कुलगाम के गुड्डर जंगल में जारी ऑपरेशन में एक और आतंकी मारा गया है। एक सैनिक घायल हुआ है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”

घायल जवानों का इलाज जारी

दो जवान इस ऑपरेशन में घायल हुए हैं — जिनमें एक JCO शामिल हैं। दोनों को इलाज के लिए पास के सैन्य अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।

“जैसे ही जवानों की तबीयत सुधरी, उनका पहला सवाल था — ‘दूसरा पकड़ा गया क्या?'”

मारे गए आतंकियों की पहचान जारी

अब अगला काम है — मारे गए आतंकियों की पहचान करना और यह पता लगाना कि वे किस आतंकी संगठन से जुड़े थे।

संभावना जताई जा रही है कि ये लोकल मॉड्यूल से जुड़े Hybrid Terrorists हो सकते हैं जो हालिया दिनों में घाटी में सक्रिय थे।

गुड्डर जंगल: कोई पिकनिक स्पॉट नहीं

यह क्षेत्र पहले भी कई बार आतंकियों के छुपने का अड्डा रह चुका है। घने जंगल, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और सीमित नेटवर्क कनेक्टिविटी — आतंकियों के लिए परफेक्ट लेकिन सेना के लिए चैलेंजिंग

लेकिन इस बार भारतीय जवानों ने दिखा दिया कि…

“चाहे जंगल हो या पहाड़ — टारगेट क्लियर होना चाहिए, GPS नहीं!”

सर्जिकल स्ट्राइक नहीं, सटीक ऑपरेशन

इस ऑपरेशन को ‘mini surgical strike’ कह सकते हैं — बिना कोई कोलैटरल डैमेज किए, दो आतंकियों को खत्म, और जवानों की जान बचाकर मिशन कम्प्लीट।

सेना का संदेश: ‘घुसोगे तो ध्वस्त कर दिए जाओगे’

ये मुठभेड़ एक बार फिर साफ करती है कि भारतीय सुरक्षा बल घाटी में एक्टिव नेटवर्क पर पूरी नजर बनाए हुए हैं।

“जान लेकर नहीं, पहचान लेकर घुसिए — वरना पहचान ही मिट जाएगी।”

गुड्डर जंगल की यह कार्रवाई भारतीय सेना की सटीक रणनीति और सूचनाओं पर तेजी से रिएक्शन का नतीजा है। जिन्हें लगा था कि वे जंगल की आड़ में बच निकलेंगे, वे अब खबरों की हेडलाइन बन चुके हैं।

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