
गणेश चतुर्थी… वो समय जब घर-घर “बप्पा मोरया!” की गूंज होती है, ढोल ताशे बूम-बूम करते हैं और सोसाइटी का व्हाट्सएप ग्रुप सिर्फ लड्डू वितरण और मूर्ति विसर्जन की टाइमिंग से भरा होता है।
लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि बस मूर्ति लाकर आरती कर दी और हो गया धर्म का जुगाड़, तो रुकिए जनाब! 12 नियम ऐसे हैं, जो न माने तो बप्पा खुश नहीं, और पंडित जी नाराज़!
कब है गणेश चतुर्थी 2025?
तारीख: 27 अगस्त 2025 (बुधवार)
चतुर्थी तिथि शुरू: 26 अगस्त दोपहर 1:54 बजे
समाप्त: 27 अगस्त दोपहर 3:44 बजे
विसर्जन: 6 सितंबर 2025 (अनंत चतुर्दशी)
1. मिट्टी है मिट्टी, प्लास्टिक नहीं चलेगा
Eco-friendly गणेश मूर्ति से बप्पा खुश होते हैं, प्लास्टर ऑफ पैरिस से नहीं। मिट्टी से बनी मूर्ति लाओ, वरना बप्पा भी कहेंगे – “Uninstall this devotion!”
2. मूर्ति को कवर करके लाएं – VIP Entry स्टाइल
घर लाते वक्त बप्पा को खुले में न रखें। नए कपड़े से ढककर ही उन्हें अंदर लाएं, जैसे Apple का iPhone – unboxing के बाद ही दर्शन!
3. सही दिशा में करें स्थापना
ईशान कोण या उत्तर-पूर्व में मूर्ति रखें और बप्पा का मुंह उत्तर दिशा में होना चाहिए। वरना बप्पा GPS खो देंगे!
4. बप्पा को अकेला मत छोड़ो
बप्पा घर के VIP गेस्ट हैं – हर वक्त कोई न कोई घर में होना चाहिए। “AFK” रहोगे तो पुण्य AFK हो जाएगा।
5. सुबह-शाम पूजा और ताज़ा भोग
डब्बा बंद भोग नहीं चलेगा, बप्पा को फ्रेश प्रसाद चाहिए – Microwave में गरम किया हुआ नहीं!
6. स्वच्छता ही सेवा है
जिस कमरे में बप्पा बैठे हैं, वहां कचरा? बप्पा कहेंगे – “तू साफ नहीं, तेरा कर्म भी नहीं!”
7. सूंड वाली मूर्ति हो उत्तर दिशा में
उत्तर दिशा में मुड़ी हुई सूंड वाली मूर्ति Vastu अनुसार सबसे शुभ मानी जाती है।

8. बैठे हुए बप्पा = टिके हुए सुख
खड़े हुए गणेश जी ऑफिस वर्जन होते हैं – घर के लिए बैठे हुए बप्पा ही चुनें।
9. रंग का रखें ख्याल
गहरे रंगों से दूर रहें। सिंदूरी, सफेद या हल्के रंग के बप्पा को लाएं, क्योंकि टॉक्सिक सिर्फ रिश्ते नहीं, मूर्तियां भी हो सकती हैं!
10. मूर्ति को न हिलाएं
पूजा के दौरान या विसर्जन से पहले मूर्ति को इधर-उधर हिलाना वर्जित है। बप्पा स्थिर हैं, भक्त डगमग न हों।
11. सात्विक भोजन करें
गणेश उत्सव में पानी-पूरी नहीं, पूरी भक्ति चाहिए! Non-veg, शराब से रहें दूर, नहीं तो पुण्य का बैलेंस माइनस में चला जाएगा।
12. कलश को भी न छेड़ें
गणपति स्थापना के साथ रखा गया कलश ध्यान और आस्था का प्रतीक है। 10 दिन तक टच मत करो, जैसे बप्पा का ‘Do Not Disturb’ मोड।
“बप्पा घर आएं, तो मन और माहौल दोनों साफ होने चाहिए!”
गणेश चतुर्थी सिर्फ एक त्योहार नहीं – ये पर्सनल डेवेलपमेंट की 10-दिन की वर्कशॉप है। जहां हर नियम का पालन आपको एक बेहतर, अनुशासित और सच्चा भक्त बनाता है।
तो इस बार गणेश चतुर्थी 2025 में ना सिर्फ ढोल-ताशा बजे, बल्कि ज्ञान का घंटा भी बजे!
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